Tag: भोजपुरी अस्मिता

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सवाल बा भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता अब ले काहे ना ? दोषी के ?

कनक किशोर, राँची ( झारखंड ) जन कवि विजेंद्र अनिल के एगो कविता के लाइन ह- 'लाली हम भोर के, गीत हम अंजोर के'। जन...

अपना पूरा जीवन भोजपुरी भाषा के नाम कर दिया ऐसे हैं डॉ. जनार्दन सिंह

Bhojpuri24.com की ‘भोजपुरी धुरंधर’ श्रृंखला में आज पढ़िए ऐसे कर्मयोगी की कहानी, जिन्होंने साहित्य, पत्रकारिता, समाज सेवा और जनआंदोलन को भोजपुरी भाषा के सम्मान...

भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता का विरोध, संकीर्ण मानसिकता का परिचायक

संतोष पटेल, संस्थापक, भोजपुरी जनजागरण अभियान 'बोलियाँ को भाषा बनाने की जिद' शीर्षक आलेख में मुंम्बई विवि के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ करुणाशंकर उपाध्याय ने भोजपुरी...

भोजपुरी की अस्मिता पर सवाल उठाने वालों, पहले उसका इतिहास पढ़िए

-डॉ. सुनील कुमार पाठक भोजपुरी को लेकर जब भी चर्चा होती है, तो अक्सर इसे केवल एक भाषा के रूप में देखा जाता है। जनगणना,...

विश्व मंच पर बुलंद भोजपुरी, संविधान में अब भी क्यों नहीं मिली जगह?

- डॉ. संतोष पटेल, अध्यक्ष, भोजपुरी जन जागरण अभियान, नई दिल्ली भोजपुरी भाषा केवल एक बोली नहीं, बल्कि पांच करोड़ ( सरकारी आंकड़े से) जबकि...

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भोजपुरी सिनेमा को अश्लीलता के चश्मे से देखना गलत-मोनालिसा

बोलीं- कुछ वायरल गानों से नहीं तय होती भोजपुरी...

भोजपुरी भाषी लोगों को ‘भोजपुरी बवाल’ शो नहीं देखना चाहिए

बाबा भोजपुरिया भोजपुरी के नाम पर सतही मनोरंजन और...

भोजपुरी की उपेक्षा और राजनीति का दोहरा चरित्र

डॉ. संतोष पटेल भारत का बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी ढांचा हमेशा...

‘डुबि गइल गाँव-घर-बधार…’ बाढ़ की त्रासदी और किसान के दर्द का मर्मस्पर्शी दस्तावेज

राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व पत्रकार दिनेश्वर प्रसाद...

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