बिहार

बिहार के लोकजीवन में प्रेम, बिछोह और प्रवास की कहानी है जट-जटिन नृत्य

उत्तर बिहार की लोकपरंपरा का चर्चित नृत्य, जिसमें पति-पत्नी के रिश्ते और रोजी-रोटी के लिए दूर जाने की पीड़ा दिखाई देती है बिहार की लोकसंस्कृति...

भोजपुरी कविता की विकास यात्रा का प्रामाणिक दस्तावेज है ‘भोजपुरी कविता के इतिहास’

समीक्षक- राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य के इतिहास पर गंभीर और शोधपरक कार्य अपेक्षाकृत कम हुए हैं। ऐसे समय में ‘भोजपुरी कविता के इतिहास’ जैसी...

लखनऊ में गूंजेगा भोजपुरी संस्कृति का स्वर, 8 अगस्त को होगा भव्य भोजपुरी महोत्सव

लखनऊ। भोजपुरी भाषा, लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से अखिल भारतीय भोजपुरी समाज की ओर से भोजपुरी महोत्सव का...

भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग हुई तेज

डॉ. पीएन सिंह कॉलेज में भोजपुरी पर मंथन छपरा। भोजपुरी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और संवैधानिक मान्यता की मांग को लेकर सारण जिले के डॉ....

सवाल बा भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता अब ले काहे ना ? दोषी के ?

कनक किशोर, राँची ( झारखंड ) जन कवि विजेंद्र अनिल के एगो कविता के लाइन ह- 'लाली हम भोर के, गीत हम अंजोर के'। जन...

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