परदेशी लोग

भारत से मॉरीशस-फिजी पहुंचने में लगभग 45 से 120 दिन लगते, बहुत तो रास्ते में ही मर गए-आत्महत्या कर लिए

भारतीयों की वह विश्वगाथा जिसने गुलामी को संस्कृति की ताकत में बदल दिया, जहाजों से शुरू हुआ सफर, जिसने मॉरीशस से कैरेबियन तक भारतीयता...

त्रिनिदाद में जयशंकर का बड़ा ऐलान, गिरमिटिया वंशजों को OCI कार्ड में भारत करेगा मदद

1845 से 1917 के बीच भारतीय उपमहाद्वीप से करीब 1.43 लाख मजदूर त्रिनिदाद पहुंचे थे। इनमें अधिकांश लोग उत्तर प्रदेश और बिहार (खासकर भोजपुरी...

भारत-त्रिनिदाद समझौता: प्रवासी भोजपुरियों को अपनी जड़ों से जोड़ने की पहल

पटना। भारत और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के बीच हुए नए सांस्कृतिक समझौते ने दुनियाभर में बसे भोजपुरी मूल के प्रवासियों के लिए अपनी जड़ों...

परदेस से लौटे लोगों ने कैसे बदला भोजपुरी-बिहारी खाने का स्वाद?

पटना: बिहार का खानपान केवल लिट्टी-चोखा या सत्तू तक सीमित नहीं है। इसकी रसोई दरअसल सदियों की यात्राओं, प्रवास, व्यापार, संघर्ष और सांस्कृतिक मेल-मिलाप...

भोजपुरी कोई हाशिए की भाषा नहीं, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और गहरी परंपरा वाली भाषा:ओरसिनी

फ्रांसेस्का ओरसिनी, जब लंदन से गूंजे भोजपुरी के बोल लंदन/गोरखपुर: भोजपुरी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि भावना है, माटी की खुशबू, लोकगीतों की मिठास और...

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