पूर्वांचल (UP)

भोजपुरी लोक संस्कृति का रंगीन और जोशीला रूप है फरुवाही नाच 

गोरखपुर: भोजपुरी क्षेत्र की लोक संस्कृति बेहद समृद्ध और विविध है। गीत, संगीत, नृत्य और नाटकीय परंपराओं से भरी यह संस्कृति ग्रामीण जीवन की...

पीड़ा की विरह वेदना को अमर कर देता है बिरहा

वाराणसी के ठठेरी बाजार और चौखम्भा इलाके में श्रमिकों के बीच गया गया था पहला पटना/ गोरखपुर: रात का अंधेरा घना हो चुका है। कलकत्ता...

जुग जुग जियो ललनवा… सोहर

पटना: अंधेरी रात में अचानक एक नन्ही किलकारी गूंज उठती है। जच्चा की थकान भरी आँखों में खुशी की चमक आ जाती है। घर...

सत्तू से बने व्यंजन, भोजपुरी-बिहारी संस्कृति का सुपरफूड

सत्तू (जिसे चने का सत्तू या भुना चना आटा भी कहते हैं) भोजपुरी क्षेत्र (बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड) का सबसे प्राचीन और शक्तिशाली...

भोजपुरी की प्रमुख कहावतें और उनका सरल हिंदी अर्थ

प्रमुख भोजपुरी कहावतें दी गई हैं, साथ में उनका सरल हिंदी अनुवाद और अर्थ। ये लोकप्रिय, रोजमर्रा की जिंदगी, खेती, परिवार और समाज से...

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