
सत्तू (जिसे चने का सत्तू या भुना चना आटा भी कहते हैं) भोजपुरी क्षेत्र (बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड) का सबसे प्राचीन और शक्तिशाली सुपरफूड है। यह “गरीब आदमी का प्रोटीन” कहलाता है, लेकिन आजकल फिटनेस और आयुर्वेद प्रेमियों का पसंदीदा बन चुका है।
सत्तू क्या है? गहरी जानकारी
- बनाने की पारंपरिक विधि: काला चना (बंगाल ग्राम) को धोकर, नमक-हल्दी लगाकर 30-40 मिनट भिगोना, फिर रेत या नमक पर तेज आंच पर भूनना (फूटने तक), छिलका उतारकर मिक्सी में बारीक पीसना। छन्नी से छान लें। घर का सत्तू सबसे शुद्ध होता है।
- पोषण मूल्य (प्रति 100 ग्राम): 20-26g प्रोटीन, 15-18g फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स। सरसों के तेल और लहसुन के साथ खाने पर पाचन शक्ति बढ़ती है।
- आयुर्वेदिक और सांस्कृतिक महत्व: गर्मी में ठंडक देता है (शरीर का तापमान कम करता है), मजदूरों-किसानों के लिए एनर्जी बूस्टर। भोजपुरी क्षेत्र में गर्म-उमस भरे मौसम और मेहनतकश जीवनशैली के कारण सत्तू रोजमर्रा का हिस्सा बना। छठ पूजा, मकर संक्रांति जैसी त्योहारों में भी इस्तेमाल।
- स्टोरेज: एयरटाइट डिब्बे में 2-3 महीने तक चलता है। गर्मियों में फ्रिज में रखें।
सत्तू से बने व्यंजन कितने प्रकार के होते हैं? कोई फिक्स नंबर नहीं, लेकिन मुख्य 10-12 प्रमुख प्रकार हैं। इन्हें 4 कैटेगरी में बांटा जा सकता है:
- पेय पदार्थ (Refreshing drinks)
- रोटी-पराठा-पुरी (Stuffed breads)
- नाश्ता/मुख्य व्यंजन (Snacks & mains like litti)
- मिठाई और हलवे (Sweets)
ये सभी घरेलू, सस्ते, प्रोटीन-पैक्ड और 5-20 मिनट में बन जाते हैं। नीचे स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी, सामग्री, टिप्स, वैरिएशन और स्वास्थ्य फायदे के साथ विस्तार से बता रहा हूँ।
1. सत्तू का शरबत (Sattu Sharbat) – सबसे प्रसिद्ध और गर्मी का राजा

क्यों प्रसिद्ध? भोजपुरी घरों में सुबह-शाम पिया जाता है। ठंडक, एनर्जी और पाचन के लिए बेस्ट।
सामग्री (2 गिलास):
- 4-5 बड़े चम्मच सत्तू
- 2 गिलास ठंडा पानी
- नमक, जीरा भुना (पिसा), नींबू का रस, पुदीना/धनिया कटा, हरी मिर्च (वैकल्पिक), चीनी/गुड़ (स्वादानुसार)
बनाने की विधि:
- सत्तू को बर्तन में डालें।
- धीरे-धीरे पानी डालकर गाढ़ा घोल बनाएं (गांठ न रहे)।
- नमक, जीरा, नींबू, पुदीना मिलाएं। अच्छे से फेंटें।
- बर्फ डालकर ठंडा सर्व करें।
टिप्स & वैरिएशन: गर्मियों में पुदीना ज्यादा, सर्दियों में गरम दूध या गुड़ वाला बनाएं। कुछ जगहों पर दही मिलाकर “सत्तू दही” बनाते हैं। स्वास्थ्य फायदा: शरीर ठंडा रखता है, ब्लड शुगर कंट्रोल, वजन घटाने में मदद।
सत्तू का पराठा / सत्तू रोटी (Sattu Paratha) – ब्रेकफास्ट का स्टार
भोजपुरी स्पेशल: बिहार में टिफिन और डिनर दोनों में लोकप्रिय।
सामग्री (4-5 पराठे):

- भरावन: 1 कप सत्तू, 1 प्याज बारीक कटा, 2 हरी मिर्च, धनिया, अजवाइन, नमक, सरसों तेल (1 चम्मच), नींबू रस
- आटा: 2 कप गेहूं का आटा, नमक, थोड़ा घी
बनाने की विधि:
- सत्तू में प्याज, मिर्च, मसाले, तेल और नींबू मिलाकर भरावन तैयार करें (सूखा रखें)।
- आटे की लोई लें, बीच में भरावन भरें, बंद करके बेलें।
- तवे पर घी/तेल लगाकर दोनों तरफ सुनहरा होने तक सेंकें।
टिप्स: भरावन में अचार का मसाला या लहसुन डालें तो स्वाद दोगुना। चोखा (बैंगन/आलू) के साथ खाएं। स्वास्थ्य: प्रोटीन + फाइबर = लंबे समय तक भूख नहीं लगती।
सत्तू लिट्टी (Sattu Litti) – भोजपुरी आइकॉन
क्यों गहरा? लिट्टी चोखा पूरे भारत में फेमस हो चुका है।
सामग्री:
- आटा: 3 कप गेहूं आटा, घी, अजवाइन, नमक
- भरावन: 1 कप सत्तू + पराठे वाला ही मसाला (सरसों तेल जरूर)
बनाने की विधि:
- सख्त आटा गूंथें। लोई बनाकर सत्तू भरें।
- पारंपरिक: उपले/कोयले पर सेंकें (धुंआदार स्वाद)। आधुनिक: ओवन 180°C पर 20-25 मिनट या तवे पर धीमी आंच।
- चोखा (भुना बैंगन + आलू + टमाटर + लहसुन + सरसों तेल) के साथ सर्व।
वैरिएशन: फ्राइड लिट्टी (पूरी जैसी) या घाटी (छोटी लिट्टी)। सांस्कृतिक: शादी-त्योहार और रोज का खाना।

सत्तू की कचौरी / सत्तू पूरी (Sattu Kachori / Puri)
स्ट्रीट फूड स्टार: खस्ता और चटपटा।
सामग्री:
- आटा + सत्तू (भरावन पराठे जैसा)
- तेल डीप फ्राई के लिए
विधि: लोई में भरावन भरें, पतला बेलकर फ्राई करें। टमाटर चटनी के साथ। टिप: भरावन सूखा रखें तो खस्ता बनेगा।
5. सत्तू की मिठाई: लड्डू, हलवा, पेड़ा
सर्दियों का खजाना:
- सत्तू लड्डू: सत्तू + गुड़/चीनी + घी + काजू/किशमिश। गर्म सत्तू में घी डालकर लड्डू बनाएं।
- सत्तू हलवा: सत्तू को घी में हल्का भूनकर चीनी-दूध मिलाएं। फायदा: शुगर-फ्री वर्जन (खजूर के साथ) वजन कंट्रोल में बेस्ट।
- अन्य कम-ज्ञात लेकिन स्वादिष्ट व्यंजन
- सत्तू भात: चावल में सत्तू मिलाकर चोखा के साथ।
- सत्तू धुस्का: डीप फ्राइड स्नैक (बिहारी स्ट्रीट फूड)।
- सत्तू का चोखा: भरावन को ही चोखा स्टाइल में खाएं।
- सत्तू पिट्ठी: दाल में डंपलिंग जैसा।
- गहरी टिप्स और आधुनिक ट्विस्ट
- सर्विंग: हमेशा सरसों तेल, लहसुन, अचार के साथ – यही भोजपुरी स्वाद का राज है।
- हेल्दी ट्विस्ट: ओट्स मिलाकर पराठा, या प्रोटीन शेक में सत्तू।
- सावधानी: ज्यादा मात्रा में न खाएं (पेट भारी हो सकता है)। किडनी पेशेंट डॉक्टर से पूछें।
- आधुनिक: सत्तू स्मूदी, सत्तू एनर्जी बार, सत्तू चॉकलेट लड्डू।

