बिहार

लोक-संस्कृति की अमर धरोहर, जनवादी कविराज-गीतकार शैलेंद्र

 डॉ. संतोष पटेल जन्मदिन विशेष: शैलेंद्र ने भारत की पहली भोजपुरी फिल्म 'गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो' (रिलीज वर्ष 1963) के सभी प्रसिद्ध गाने लिखे।...

भोजपुरी फिल्मों के गानों से अलग है ‘बिदेसिया’, इसमें बसता है पति-पत्नी के विरह और समाज की पीड़ा का दर्द

पटना। भोजपुरी संस्कृति की पहचान सिर्फ लोकगीतों और फिल्मों के गानों तक सीमित नहीं है। भोजपुरी लोकनाट्य की समृद्ध परंपरा में ‘बिदेसिया’ एक ऐसी...

‘गंगा रतन बिदेसी’ भोजपुरी उपन्यास में प्रवासी जीवन की पीड़ा

समीक्षक: प्रकाश प्रियांशु भोजपुरी साहित्य धारा में उपन्यास विधा अपेक्षाकृत नई है, लेकिन इसमें जीवन के गहरे अनुभवों को प्रस्तुत करने की क्षमता अद्भुत रही...

भोजपुरी में पढ़ाई जाएंगी कबीर की उलटबांसियां, नए सिलेबस में कबीर से पत्रकारिता तक

पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों में भोजपुरी से स्नातक करने वाले विद्यार्थियों के लिए नए सत्र से पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब...

भोजपुरी बोलना शर्म नहीं, गर्व की बात है

भाषा सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं होती, वह किसी समाज की आत्मा होती है। जिस भाषा में मां की लोरी सुनाई देती है, दादी-नानी...

Popular

Subscribe

spot_imgspot_img