बारुण में भोजपुरी नाटकों के जरिए दहेज प्रथा पर प्रहार, जनप्रतिनिधियों ने दहेज नहीं लेने का लिया संकल्प

0

सासाराम/सूर्यपुरा। बिहार के रोहतास जिले के बारुण में मां दुर्गा पूजा समिति सह नवयुवक संघ के कलाकारों ने तीन भोजपुरी नाटकों का मंचन कर सामाजिक सरोकारों को मंच पर जीवंत किया। नाटकों के माध्यम से मनोरंजन के साथ सामाजिक कुरीतियों पर भी ध्यान आकर्षित किया गया।

कार्यक्रम में ‘सौखीन बबुनी’, ‘दामी दूल्हा’ और ‘हिंदुस्तान की कसम’ नामक भोजपुरी नाटकों का मंचन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डीपीएस के निदेशक एवं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अखिलेश सिंह, थानाध्यक्ष चंदन कुमार, सरपंच शिवयश भगत, पूर्व मुखिया हीरालाल सिंह और सेवानिवृत्त सैनिक राजेंद्र सिंह ने किया।

दहेज के खिलाफ जागरूकता का आह्वान

कार्यक्रम के दौरान अखिलेश सिंह ने दहेज प्रथा पर चिंता जताई। उन्होंने समाज के लोगों से इस कुरीति के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की। वहीं, बलिहार पंचायत के मुखिया रंजीत सिंह और पूर्व प्रमुख पति अशोक सिंह यादव ने अपने बेटों की शादी में दहेज नहीं लेने का संकल्प लिया।

विदुर शर्मा के निर्देशन में कलाकारों ने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र शर्मा ने किया। रूपसज्जा की जिम्मेदारी हरिश्चंद्र सिंह और दृश्य सज्जा का कार्य सुभाष सिंह ने संभाला।

इस मौके पर समिति के राजेश सिंह, विनोद सिंह, विनय सिंह, रवि कुमार और अरविंद सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

भोजपुरी रंगमंच से सामाजिक बदलाव की पहल

भोजपुरी नाटक लोकभाषा में सामाजिक संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। दहेज जैसी कुरीति पर आधारित मंचन लोगों को इस समस्या पर विचार करने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित कर सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here