भोजपुरी सिनेमा को अश्लीलता के चश्मे से देखना गलत-मोनालिसा

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बोलीं- कुछ वायरल गानों से नहीं तय होती भोजपुरी फिल्मों की पहचान, अच्छे कलाकार भी कर रहे हैं बेहतरीन काम, पूरी इंडस्ट्री को बदनाम न करें

मुंबई: भोजपुरी अभिनेत्री मोनालिसा ने भोजपुरी सिनेमा की छवि और उसमें बढ़ते डबल मीनिंग गानों व अश्लील कंटेंट को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि पूरी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को सिर्फ कुछ विवादित गानों, ग्लैमर या बोल्ड कंटेंट के आधार पर जज करना सही नहीं है। कुछ वायरल म्यूजिक वीडियो की वजह से भोजपुरी सिनेमा की जो छवि बनी है, वह पूरी इंडस्ट्री की वास्तविक तस्वीर नहीं दिखाती।

मोनालिसा ने कहा कि भोजपुरी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार और फिल्में हैं, जो बेहतर कहानी और शानदार अभिनय के साथ काम कर रहे हैं। हर भोजपुरी फिल्म को एक ही नजर से देखना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, एल्बम और म्यूजिक वीडियो का फॉर्मेट फिल्मों से अलग होता है। कई बार म्यूजिक वीडियो में ग्लैमर या बोल्डनेस ज्यादा दिखाई देती है, लेकिन फिल्मों में कहानी, किरदार और प्रस्तुति का महत्व होता है।

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उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर इस तरह की आलोचनाएं सुनती आ रही हैं। कुछ लोगों के काम के आधार पर पूरी इंडस्ट्री की पहचान तय कर देना उन कलाकारों के साथ अन्याय है, जो पूरी मेहनत और ईमानदारी से अच्छे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

क्षेत्रीय सिनेमा तेजी से बना रहा पहचान

मोनालिसा ने कहा कि आज दर्शकों की पसंद सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं है। देश में अलग-अलग भाषाओं की फिल्म इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही हैं। दक्षिण भारतीय सिनेमा और बंगाली फिल्मों ने लंबे समय से अपनी मजबूत पहचान बनाई है, वहीं अब भोजपुरी समेत अन्य क्षेत्रीय सिनेमा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को अब देशभर में दर्शक मिल रहे हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस बदलाव को और गति दी है।

भोजपुरी से नेशनल एंटरटेनमेंट तक का सफर

मोनालिसा खुद भोजपुरी इंडस्ट्री से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उन्होंने भोजपुरी फिल्मों के अलावा हिंदी टेलीविजन, साउथ इंडियन फिल्मों और रियलिटी शोज में भी काम किया है। बिग बॉस और नच बलिए जैसे लोकप्रिय रियलिटी शोज के जरिए वह देशभर के दर्शकों तक पहुंचीं। मोनालिसा का कहना है कि भोजपुरी सिनेमा को उसकी विविधता, कलाकारों की मेहनत और अच्छी फिल्मों के आधार पर पहचान मिलनी चाहिए, न कि सिर्फ कुछ विवादित कंटेंट के कारण।

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