साहित्य

पुस्तक समीक्षा: मूक क्रंदन की आवाज ‘अनबोलता’

भोजपुरी काव्य संग्रह: अनबोलता रचनाकार: डॉ. संतोष पटेल समीक्षक: डॉ. पुष्कर कुमार साहित्य केवल व्यक्तिगत भावनाओं और दुःखों की अभिव्यक्ति नहीं होता, बल्कि यह समाज के हाशिए...

जिंदगी के रंग से सराबोर जौहर का ‘रंगमहल’

समीक्षक : कनक किशोर भोजपुरी ग़ज़ल की दुनिया में सूफी संत जौहर शाफियाबादी एक नामचीन ग़ज़लकार के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। भोजपुरी...

भोजपुरी गीत, कविता आ गजल के अनमोल मणिका: डॉ. गोरख प्रसाद मस्ताना

राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर भोजपुरी माटी के सोंधी सुवास आ एकर जीवंत लोकसंस्कृति के अपना रचनाकर्म से पूरा देश-दुनिया में फैलावे वाला ख्यातिप्राप्त कवि, गीतकार, गजलकार...

भोजपुरिये के नाँव प काहे संसद में चुप बानी?’: मनोज भावुक की कविता में संवैधानिक पहचान की मांग को आवाज

भोजपुरी को हेय दृष्टि से देखने वाली सोच पर व्यंग्य, भाषा के सम्मान और संवैधानिक पहचान की मांग को आवाज भोजपुरी भाषा और संस्कृति के...

‘मालिक बहुत मानते हैं’, भोजपुरी की दुर्दशा पर मनोज भावुक का करारा व्यंग्य

भोजपुरी को हेय दृष्टि से देखने वालों पर व्यंग्य के जरिए उठाई आवाज, भाषा और संस्कृति के सम्मान का संदेश भोजपुरी भाषा और संस्कृति को...

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