साहित्य

जब भोजपुरी भाषा का अपमान हो रहा था, तब आप कहाँ थे?

कुमार अजय सिंह, गीतकार / कहानीकार, आरा (बिहार) भोजपुरी सिर्फ एक भाषा नहीं है। यह करोड़ों लोगों की पहचान, संस्कृति, संवेदना और आत्मा की आवाज...

भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल करने की मांग, भाषा संगठनों ने सरकार पर बढ़ाया दबाव

जमशेदपुर। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को शामिल करने की मांग को लेकर भाषा संगठनों ने आंदोलन तेज...

माटी की आवाज को शब्द दिया, वही भोजपुरी मेरी पहचान बनी: चंदेश्वर शर्मा ‘परवाना’

चंदेश्वर शर्मा ‘परवाना’ भोजपुरी साहित्य में एक पहचान हैं, सही मायने में वो भोजपुरी को न केवल साधते हैं बल्कि उनके शब्दों में ओढ़ते...

तैयब हुसैन ‘पीड़ित’: समकालीन भोजपुरी कविता के प्रखर जनवादी स्वर

तैयब हुसैन 'पीड़ित ' जी के पहिलकी पुण्य तिथि (11/5/2026) पर विशेष प्रस्तुति डॉ. सुनील कुमार पाठक तैयब जी के एगो गीत के पंक्ति आजो हमरा...

माई कहे .. मातृ दिवस पर वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर मिश्रा की भोजपुरी कविता

माई कहे .. माई कहे ..कि ए बाबू, जवना के तू घर कहेलs, उ घर ना नू ह हो, उ फ्लैट हवे। घर में त आँगना होला, दलान होला, बैठक...

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