साहित्य

भोजपुरी में हैं दर्जनों शब्दकोश, कृषि से लेकर लोकजीवन तक की समृद्ध शब्द संपदा का भंडार

अष्टम अनुसूची में भोजपुरी को शामिल करने के विरोध में उठ रहे सवालों का जवाब: शब्दकोश और साहित्यिक समृद्धि पर भोजपुरी का पक्ष Bhojpuri24.com, विशेष।...

चोला में भोला मिलते, शिवमय भइल संसार: कनक किशोर

चतुर्मास विशेष आज बात बतकही में केहू सावन में त केहू शिरात में, केहू देवघर में त केहू काशी में, केहू भांगि - गांजा में...

लोकजीवन के कवि डॉ. कमलेश राय, जिन्होंने भोजपुरी को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया

Bhojpuri24.com की विशेष श्रृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय उस साहित्य साधक का, जिन्होंने भोजपुरी भाषा को केवल लोकभाषा के रूप में नहीं देखा,...

वह विद्वान जिसने भोजपुरी को शोध और विमर्श के केंद्र में स्थापित किया

Bhojpuri24.com की विशेष श्रृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय भोजपुरी भाषा और साहित्य के ऐसे शख्सियत से, जिन्होंने अपनी लेखनी को केवल कविता और...

मां विंध्यवासिनी की स्तुति से हुई कजरी की शुरुआत, पहले खेली जाती थी, बाद में गाई जाने लगी

आचार्य हरेराम त्रिपाठी 'चेतन' से विशेष बातचीत सावन की पहली फुहार के साथ भोजपुरी अंचल में कजरी की गूंज सुनाई देने लगती है। लेकिन क्या...

Popular

Subscribe

spot_imgspot_img