साहित्य

कुक्कुर पर सिनेमा आ सिनेमा में कुक्कुर

मनोज भावुक कुक्कुर, कुत्ता, डॉग, टॉमी, डॉगी, शेरु जवन नाम से रउआ जानत होईं बाकिर सभका जिनगी में कुक्कुर होखबे करेले सन. हमरा जिनगी में...

भोजपुरिया जिनगी के सुख-दुख के मार्मिक आख्यान बा ‘झनकि बाजे हो

कनक किशोर सरल व्यक्तित्व के स्वामी बड़का आ गंभीर बात के बड़ा सहज ढंग से एह तरे सामने रखेला कि ऊ अपना जइसन, अपना जोरे...

अल्ट्रासोनोग्राफी : भोजपुरी कविता में स्त्री चेतना और सामाजिक यथार्थ का सशक्त दस्तावेज

'किसी का सत्य था, मैंने संदर्भ में जोड़ दिया। कोई मधुकोष काट लाया था, मैंने निचोड़ लिया। यो मैं कवि हूँ, आधुनिक हूँ, नया हूँ, काव्य-तत्त्व की खोज में...

भिखारी ठाकुर के गीतों में स्त्री चेतना का लोकपक्ष-मनीषा श्रीवास्तव

साहित्य समाज का दर्पण होता है, ऐसा कहा गया है। साहित्यकार जब अपना कलम‌ चलाता है तो वो समाज के संगति व विसंगति दोनो...

कनक किशोर के कविता: स्मृति शेष भिखारी ठाकुर के पुण्यतिथि पर सादर नमन आ विनम्र श्रद्धांजलि 

मुक्तक भोजपुरिया अब बोल रहल, माटी ह अनमोल जहाँ गूँजल बा राजेन्द्र आ जयप्रकाश के बोल कुंवर के धरती,बुद्ध,गांधी के इहे देखवलस राह ई धरती पर पैदा भइले,...

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