साहित्य

‘देखावा के जिनगी’ में महकत बा भोजपुरी माटी के सोंध

राम नाथ बेख़बर (वरिष्ठ साहित्यकार) भोजपुरी ग़ज़ल के युवा हस्ताक्षर नूरैन अंसारी कवनो परिचय के मोहताज नइखीं। इहां के भोजपुरी के एगो बहुत समर्थ कवि...

1728 की ‘बारह मासी’ से शुरू हुई थी भोजपुरी साहित्य की शुरुआती लिखित परंपरा

पटना/गोरखपुर: भोजपुरी भाषा का साहित्यिक इतिहास अत्यंत समृद्ध और पुराना माना जाता है, लेकिन इसका लिखित रूप लंबे समय तक लोकगीतों, मौखिक परंपराओं और जनजीवन...

भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता का विरोध, संकीर्ण मानसिकता का परिचायक

संतोष पटेल, संस्थापक, भोजपुरी जनजागरण अभियान 'बोलियाँ को भाषा बनाने की जिद' शीर्षक आलेख में मुंम्बई विवि के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ करुणाशंकर उपाध्याय ने भोजपुरी...

कबीरा आप ठगाइए और न ठगिए कोय -चंद्रेश्वर

भोजपुरी दिवस आ कबीर जयंती पर विशेष कबीर के हम किशोरावस्था से सुनत-पढ़त आ गुनत आ रहल बानी। धीरे-धीरे ऊ हमार चेतना के किछु हद...

कबीर के भोजपुरी, भोजपुरी के कबीर

डॉ. सुनील कुमार पाठक भोजपुरी दिवस पर विशेष: कबीर जयंती के अवसर पर भोजपुरी भाषा, साहित्य और अस्मिता पर एक व्यापक विमर्श कबीर केवल एक संत...

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