साहित्य

त्रेता युग से जुड़ा है चैता के तार

नई दिल्ली/पटना: भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में चैता (या चइता/चैती) सिर्फ एक मौसमी गीत नहीं बल्कि यह चैत्र मास (मार्च-अप्रैल) की बसंत ऋतु, राम नवमी,...

भोजपुरी गद्य के स्तंभ हैं डॉ. विवेकी राय

पटना/वाराणसी : ग्रामीण जीवन की सच्ची तस्वीर, गांव की मिट्टी की महक और पूर्वांचल की पीड़ा को शब्दों में उतारने वाले साहित्यकार हैं डॉ....

सत्तू से बने व्यंजन, भोजपुरी-बिहारी संस्कृति का सुपरफूड

सत्तू (जिसे चने का सत्तू या भुना चना आटा भी कहते हैं) भोजपुरी क्षेत्र (बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड) का सबसे प्राचीन और शक्तिशाली...

भोजपुरी की प्रमुख कहावतें और उनका सरल हिंदी अर्थ

प्रमुख भोजपुरी कहावतें दी गई हैं, साथ में उनका सरल हिंदी अनुवाद और अर्थ। ये लोकप्रिय, रोजमर्रा की जिंदगी, खेती, परिवार और समाज से...

यूनेस्को ने 2016 में ‘भोजपुरी गीत-गवाई’ को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल किया

पटना: भोजपुरी गीत-गवाई भोजपुरी भाषा की सबसे जीवंत और भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। यह केवल गीत नहीं, बल्कि एक पूरा अनुष्ठान है जिसमें गीत, संगीत,...

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