साहित्य

चंदौली के लाल डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी का निधन, भोजपुरी अंचल ने खोया हिंदी के सबसे बड़े प्रहरी में एक

डॉ0 सुधाकर तिवारी वाराणसी/चंदौली। भोजपुरी अंचल के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। चंदौली जिले की माटी में जन्मे प्रख्यात हिंदीसेवी, विद्वान लेखक और...

भोजपुरी साहित्य विकास मंच की 7वीं केंद्रीय समिति का पुनर्गठन, रास बिहारी गिरि बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. विमलेश त्रिपाठी को मिली प्रवर समिति अध्यक्ष...

Bhojpuri24 डेस्क। भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्यरत भोजपुरी साहित्य विकास मंच की 7वीं पुनर्गठित केंद्रीय समिति का...

लोकजीवन, लोकसंवेदना और बदलते गाँव की पीड़ा का काव्य-दस्तावेज : ‘नेह के थुन्हीं-टाटी हऽ गाँव’

समीक्षक : डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी साहित्य भारतीय लोकजीवन की सांस्कृतिक स्मृतियों, सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त साहित्य है। इसकी रचनात्मक परंपरा...

सवाल बा भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता अब ले काहे ना ? दोषी के ?

कनक किशोर, राँची ( झारखंड ) जन कवि विजेंद्र अनिल के एगो कविता के लाइन ह- 'लाली हम भोर के, गीत हम अंजोर के'। जन...

भोजपुरी में हैं दर्जनों शब्दकोश, कृषि से लेकर लोकजीवन तक की समृद्ध शब्द संपदा का भंडार

अष्टम अनुसूची में भोजपुरी को शामिल करने के विरोध में उठ रहे सवालों का जवाब: शब्दकोश और साहित्यिक समृद्धि पर भोजपुरी का पक्ष Bhojpuri24.com, विशेष।...

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