साहित्य

आचार्य महेन्द्र शास्त्री ने कहा था की भोजपुरी का सम्मान ही समाज का सम्मान है

भोजपुरी भाषा और साहित्य के आधार स्तंभ, पुरखा-पुरनिया आचार्य महेन्द्र शास्त्री जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि सारण: भोजपुरी की पहचान, सम्मान और विकास के...

हंसी, तंज और लोकजीवन की अनोखी अभिव्यक्ति है जोगीरा

जोगीरा सा रा रा रा... जोगीरा सा रा रा रा... यह आवाज सुनते ही होली का रंग और जोश दोगुना हो जाता है। उत्तर...

सम्राट चौधरी बनलन सेवक चौकीदार हो, कुमार अजय सिंह की कविता

बिहार विकास खोजत बा ।। सम्राट चौधरी बनलन सेवक चौकीदार हो, बिहार अब विकास खोजत बा। खुलल पगड़ी जवन बान्हल रहे कपार हो, बिहार अब विकास खोजत बा। सुनत...

कुमार अजय सिंह की शानदार कविता का आनंद लें

चईत बुझात कहां बा ।। चईत -चईत लेखा, बुझात कहां बा, बनिहार से कटनी, कटात कहां बा। शहरन में लोगवा लहर लूटत बा, गांवन में अब केहू जात...

परंपरा, पीड़ा और प्रेम की स्वर-यात्रा है कजरी

  विद्या निवास पांडेय बताते हैं कि कजरी के तीन रूप हैं शास्त्रीय, लोक और मॉर्डर्न वाराणसी : भोजपुरी लोकसंगीत की समृद्ध परंपरा में कजरी एक...

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