भोजपुरी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए भोजपुरी समाज लगातार प्रयास कर रहा है: मनोज तिवारी

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लखनऊ में सजा भोजपुरी महोत्सव, भाषा-संस्कृति के संरक्षण और विस्तार पर जोर

लखनऊ। मीडिया से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा कि भोजपुरी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए भोजपुरी समाज लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में भोजपुरी महोत्सव जैसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी आम लोगों की भाषा है और इसकी मिठास लोगों को सहज रूप से अपनी ओर आकर्षित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी भोजपुरी का प्रयोग सुनने को मिलता है।

लखनऊ के विश्वेश्वरैया हाल परिसर में भोजपुरी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव में भोजपुरी भाषा, संगीत और संस्कृति से जुड़े कलाकारों, संगीतकारों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान भोजपुरी के क्षेत्र में योगदान देने वाली कई हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भोजपुरी कलाकार और सांसद मनोज तिवारी विशेष रूप से मौजूद रहे।

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मनोज तिवारी ने कहा कि बिहार और पूर्वांचल की यह भाषा अपनी मधुरता और सहजता के लिए जानी जाती है। भोजपुरी संगीत और फिल्मों ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है और बड़ी संख्या में लोगों के दिलों में जगह बनाई है। उन्होंने भोजपुरी को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गीत और भजन प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया।

भोजपुरी गायिका कल्पना ने कहा कि भोजपुरी भाषा से उनका जुड़ाव और प्रेम शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि वे मूल रूप से असम की रहने वाली हैं, इसके बावजूद भोजपुरी समाज ने उन्हें जो सम्मान और अपनापन दिया, वह उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा में सकारात्मकता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मौजूद है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है। समाज को भोजपुरी को उसके वास्तविक स्वरूप और समृद्ध परंपरा के साथ पहचानने की आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि भोजपुरी महोत्सव में शामिल होकर उन्हें इस भाषा की मधुरता और सांस्कृतिक गहराई को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि भोजपुरी को आगे बढ़ाने की जरूरत है। सरकार ने भोजपुरी से जुड़े लोगों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की है और पर्यटन मंत्रालय की ओर से इस भाषा और संस्कृति के लिए जो भी योगदान संभव होगा, उस दिशा में काम किया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि भोजपुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि समृद्ध लोक संस्कृति की पहचान भी है। छठ पूजा इसका प्रमुख उदाहरण है, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में भी बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। भोजपुरी समाज की परंपराओं ने भाषा को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी ने लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का काम किया है।

अखिल भारतीय भोजपुरी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने कहा कि भोजपुरी महोत्सव का आयोजन कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है। संगठन का उद्देश्य भोजपुरी को आमजन के बीच और मजबूत करना तथा इसके व्यापक उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि सरकार को भोजपुरी के विकास के लिए अभी और प्रयास करने चाहिए। हालांकि, उन्होंने मौजूदा सरकार की ओर से भाषा के लिए किए गए प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।

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महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मनोज तिवारी की गीत प्रस्तुति आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। उन्होंने भजन से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, विधायक, मंत्री और गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। मेयर ने कलाकारों का तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर भोजपुरी कला और संस्कृति से जुड़े कलाकारों एवं अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

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