गांव समाज

रामायण काल से जुड़ा है दुनिया की दीवारों को रंगीन बनाने वाली मधुबनी पेंटिंग का नाता

मान्यता है कि राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के अवसर पर मिथिला की महिलाओं को पूरे नगर को सजाने का आदेश...

गोबर के कैनवास पर उकेरी गई बहनों के प्रेम और लोक-संस्कृति की जीवंत कला है पिड़िया

पटना/गोरखपुर: भोजपुरी अंचल की मिट्टी में जितनी गहराई है, उतनी ही उसकी परंपराओं में आत्मीयता और सौंदर्य भी समाया हुआ है। इन्हीं परंपराओं में...

हंसी, तंज और लोकजीवन की अनोखी अभिव्यक्ति है जोगीरा

जोगीरा सा रा रा रा... जोगीरा सा रा रा रा... यह आवाज सुनते ही होली का रंग और जोश दोगुना हो जाता है। उत्तर...

गांव की आवाज नहीं, बल्कि ग्लोबल बीट हो रहा है भोजपुरी म्यूजिक

पटना/गोरखपुर: भोजपुरी संगीत, जो कभी सिर्फ खेत-खलिहानों, पर्व-त्योहारों और पारंपरिक लोकधुनों तक सीमित माना जाता था, आज एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव के दौर से...

भोजपुरी लोक संस्कृति का रंगीन और जोशीला रूप है फरुवाही नाच 

गोरखपुर: भोजपुरी क्षेत्र की लोक संस्कृति बेहद समृद्ध और विविध है। गीत, संगीत, नृत्य और नाटकीय परंपराओं से भरी यह संस्कृति ग्रामीण जीवन की...

Popular

Subscribe

spot_imgspot_img