गांव समाज

भोजपुरी फिल्मों के गानों से अलग है ‘बिदेसिया’, इसमें बसता है पति-पत्नी के विरह और समाज की पीड़ा का दर्द

पटना। भोजपुरी संस्कृति की पहचान सिर्फ लोकगीतों और फिल्मों के गानों तक सीमित नहीं है। भोजपुरी लोकनाट्य की समृद्ध परंपरा में ‘बिदेसिया’ एक ऐसी...

चंदौली के लाल डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी का निधन, भोजपुरी अंचल ने खोया हिंदी के सबसे बड़े प्रहरी में एक

डॉ0 सुधाकर तिवारी वाराणसी/चंदौली। भोजपुरी अंचल के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। चंदौली जिले की माटी में जन्मे प्रख्यात हिंदीसेवी, विद्वान लेखक और...

भोजपुरी व्यंग्य को नई पहचान देने वाले सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

पल्लवी कश्यप की रिपोर्ट Bhojpuri24.com की विशेष श्रृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय भोजपुरी साहित्य के उस पुरोधा का, जिन्होंने अपनी लेखनी से हास्य और...

भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में मिले स्थान, तो बदल सकती है करोड़ों लोगों की तकदीर

भाषा को मिलेगा सम्मान, युवाओं को अवसर और दुनिया में बढ़ेगी भोजपुरी की पहचान भारत की भाषाई विविधता उसकी सबसे बड़ी सांस्कृतिक ताकत है। देश...

भोजपुरी गीत-संगीत का संकट या बदलाव? अश्लील बनाम श्लील की नई बहस

डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह भोजपुरी की गीत परंपरा में प्रतिरोध, राग-विराग, संयोग-वियोग, संस्कार और जन सरोकारों की चेतना प्रवाहित होती रही है। वहीं इक्कीसवीं सदी...

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