राजनीति

भोजपुरी लोकनाट्य की अमर विरासत हैं भिखारी ठाकुर की रचनाएं

पटना/गोरखपुर: भोजपुरी साहित्य और लोकनाट्य की दुनिया में भिखारी ठाकुर (18 दिसंबर 1887 – 10 जुलाई 1971) एक ऐसा नाम हैं, जिन्हें सम्मानपूर्वक 'भोजपुरी...

क्यों आज भी जीवंत है भिखारी ठाकुर की बिदेसिया शैली

पटना/गोरखपुर: सावन की रात। गांव के खुले मैदान में हजारों लोग जमा हैं। ढोलक की थाप, मंजीरा की छनकार और भिखारी ठाकुर की आवाज...

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