राजनीति

भोजपुरिये के नाँव प काहे संसद में चुप बानी?’: मनोज भावुक की कविता में संवैधानिक पहचान की मांग को आवाज

भोजपुरी को हेय दृष्टि से देखने वाली सोच पर व्यंग्य, भाषा के सम्मान और संवैधानिक पहचान की मांग को आवाज भोजपुरी भाषा और संस्कृति के...

‘मालिक बहुत मानते हैं’, भोजपुरी की दुर्दशा पर मनोज भावुक का करारा व्यंग्य

भोजपुरी को हेय दृष्टि से देखने वालों पर व्यंग्य के जरिए उठाई आवाज, भाषा और संस्कृति के सम्मान का संदेश भोजपुरी भाषा और संस्कृति को...

भोजपुरी बोलना शर्म नहीं, गर्व की बात है

भाषा सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं होती, वह किसी समाज की आत्मा होती है। जिस भाषा में मां की लोरी सुनाई देती है, दादी-नानी...

भोजपुरी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए भोजपुरी समाज लगातार प्रयास कर रहा है: मनोज तिवारी

लखनऊ में सजा भोजपुरी महोत्सव, भाषा-संस्कृति के संरक्षण और विस्तार पर जोर लखनऊ। मीडिया से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा कि भोजपुरी भाषा को...

अगस्त क्रांति दिवस पर भोजपुरी समाज ने काशी में किया शंखनाद

भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता देने के लिए संसद में विधेयक लाने की मांग वाराणसी। अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर रविवार को प्रगतिशील भोजपुरी समाज...

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