भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, असम इकाई ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भेजा ज्ञापन

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होजाई (असम)। भोजपुरी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहे अभियान को असम में भी समर्थन मिल रहा है। भोजपुरी जन जागरण अभियान की असम राज्य इकाई ने 2 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के नाम ज्ञापन भेजा है।

अभियान के असम प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि यह ज्ञापन होजाई जिला आयुक्त कार्यालय के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को प्रेषित किया गया है। ज्ञापन में भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता प्रदान करने और इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की गई है।

ये भी पढ़ें-जंतर-मंतर पर भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता की मांग बुलंद, 28वें विशाल शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब

ज्ञापन में जिला आयुक्त कार्यालय से आग्रह किया गया है कि इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार कर संबंधित विभागों तक भेजा जाए तथा इसकी प्राप्ति की पुष्टि उपलब्ध कराई जाए। संगठन ने बताया कि रविवार को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन की डिजिटल प्रति भेजकर रिकॉर्ड दर्ज कराया गया है। इसकी हार्ड कॉपी भी अगले कार्यदिवस में जिला आयुक्त कार्यालय के केंद्रीय प्राप्ति/डाक अनुभाग में जमा कराई जाएगी।

गौरतलब है कि भोजपुरी जन जागरण अभियान की ओर से 2 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर 28वां विशाल शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। असम इकाई ने इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन और एकजुटता व्यक्त की है।

संगठन का कहना है कि भोजपुरी करोड़ों लोगों की मातृभाषा है और इसकी समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक परंपरा को देखते हुए इसे संवैधानिक संरक्षण मिलना चाहिए। भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से भाषा के संरक्षण, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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