आचार्य शशांक शास्त्री के अनुसार, पितृ विसर्जनी अमावस्या पर तर्पण, पिंडदान, पंचबलि और ब्राह्मण भोज का विशेष महत्व है। श्रद्धा और विधि-विधान से पितरों...
Bhojpuri24.com की ‘भोजपुरी पुरोधा’ श्रृंखला में आज पढ़िए उस साहित्य साधक की कहानी, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति की सेवा...