अमिताभ बच्चन-हेमा मालिनी की ‘गंगा’
पटना/मुंबई: भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी रही हैं, जिन्होंने सिर्फ मनोरंजन ही नहीं किया, बल्कि पूरी इंडस्ट्री की दिशा बदल दी। साल 2006 में 21 ऑक्टूबर को रिलीज हुई फिल्म ‘गंगा’ ऐसी ही एक महत्वपूर्ण फिल्म थी। इस फिल्म ने यह साबित कर दिया था कि भोजपुरी सिनेमा भी बड़े स्तर पर प्रभाव छोड़ सकता है। आज अक्सर कहा जाता है कि भोजपुरी सिनेमा ने हाल के वर्षों में ही तरक्की की है, लेकिन ‘गंगा’ ने यह धारणा बहुत पहले ही गलत साबित कर दी थी। इस फिल्म ने उस दौर में न सिर्फ भोजपुरी दर्शकों का दिल जीता, बल्कि बॉलीवुड फिल्मों के बीच भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
दमदार स्टारकास्ट ने खींचा ध्यान
‘गंगा’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट थी। फिल्म में हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन और ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए। इनके साथ नगमा, रवि किशन और मनोज तिवारी जैसे लोकप्रिय कलाकार भी शामिल थे। उस समय एक ही भोजपुरी फिल्म में इतने बड़े सितारों का एक साथ आना अपने आप में बड़ी बात थी। यही वजह थी कि फिल्म ने रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच उत्सुकता पैदा कर दी थी।
रिलीज के साथ ही चर्चा में आई फिल्म
फिल्म का निर्देशन अभिषेक चड्ढा ने किया था, जबकि इसे अमिताभ बच्चन के लंबे समय से जुड़े मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने प्रोड्यूस किया था। माना जाता है कि इसी खास संबंध के कारण अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म में काम करने के लिए हामी भरी थी। 2006 में रिलीज होते ही ‘गंगा’ ने दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा बटोरी और सिनेमाघरों में अच्छी खासी भीड़ जुटाई।
बजट से कई गुना ज्यादा कमाई
करीब 5 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 35 करोड़ रुपये का कारोबार किया। यानी फिल्म ने अपनी लागत से करीब 7 गुना ज्यादा कमाई की। यह उपलब्धि उस समय के हिसाब से बेहद खास थी और बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी चुनौती पेश करने वाली थी।
कहानी में था भाव और संघर्ष
फिल्म की कहानी एक पढ़ी-लिखी और साहसी लड़की ‘गंगा’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गांव में रहती है। एक घटना के दौरान शंकर उसकी मदद करता है और खुद घायल होकर अपंग हो जाता है। इसके बाद कहानी सामाजिक और पारिवारिक संघर्षों के बीच आगे बढ़ती है, जिसमें रिश्तों की मजबूती, समाज की सोच और न्याय की लड़ाई को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है।
भोजपुरी सिनेमा के लिए मील का पत्थर
‘गंगा’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि भोजपुरी सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई। इसने यह दिखा दिया कि अगर कहानी मजबूत हो और प्रस्तुति प्रभावी हो, तो क्षेत्रीय सिनेमा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। आज भी ‘गंगा’ का नाम भोजपुरी सिनेमा के स्वर्णिम अध्यायों में लिया जाता है और यह फिल्म आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई है।
नगमा को बेस्ट एक्ट्रेस का भोजपुरी फिल्म अवॉर्ड्स
अमिताभ ने इस फिल्म ‘गंगा’ में ठाकुर विजय सिंह का किरदार निभाया. उनके अपॉजिट हेमा मालिनी थी. इनके अलावा, फिल्म में रवि किशन(Ravi Kishan), मनोज तिवारी और नगमा भी थे. यह फिल्म बार था, जब अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी किसी भोजपुरी फिल्म में काम कर रहे थे. फिल्म को ऑडियंस ने खूब पसंद किया. इस फिल्म के लिए नगमा को बेस्ट एक्ट्रेस का भोजपुरी फिल्म अवॉर्ड्स मिला था.

