झारखंड में भोजपुरी-मगही विवाद पर सियासी घमासान

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जमशेदपुर: झारखंड में एक बार फिर क्षेत्रीय भाषाओं भोजपुरी और मगही को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। झामुमो (JMM) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा का इतिहास झूठ, भ्रम और समाज को बांटने की राजनीति से भरा रहा है।

रांची में बयान देते हुए मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा जनता को गुमराह करने, आपसी वैमनस्य फैलाने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिससे समाज में मतभेद बढ़े और लोग वास्तविक समस्याओं से दूर हो जाएं।

भाषा विवाद पर अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे झारखंड सरकार में मंत्री थे, तब उन्होंने 6 अगस्त को पत्र लिखकर और मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने पलामू प्रमंडल के तीनों जिलों के साथ-साथ चतरा जिले के छात्रों और युवाओं को समान अवसर देने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में भोजपुरी, हिंदी और मगही को शामिल करने का अनुरोध किया था।

मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा नेताओं पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के किसी भी विधायक या सांसद ने इस दिशा में कभी कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता केवल जनता के बीच बैठकर झूठी वाहवाही लूटने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने स्थानीय विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें पलामू के युवाओं की सच में चिंता होती, तो वे विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाते। लेकिन ऐसा नहीं किया गया और अब इसे अनावश्यक विवाद का रूप दिया जा रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने सांसद विष्णु दयाल राम पर भी अपने संसदीय क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि पलामू प्रमंडल का दुर्भाग्य है कि वहां के जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के मुद्दों के प्रति गंभीर नहीं हैं।

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