पूर्वांचल की बेटी दिव्या सिंह ने रचा इतिहास, साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप तक

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पूर्वांचल: गोरखपुर की 28 वर्षीय शिक्षिका दिव्या सिंह ने अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है। उन्होंने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक साइकिल से पहुंचकर इतिहास रच दिया है। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला बन गई हैं, जबकि विश्व स्तर पर यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह दूसरी महिला हैं।

दिव्या की यह यात्रा काठमांडू से शुरू हुई और करीब 14 दिनों तक चली। इस दौरान उन्होंने 17,560 फीट की ऊंचाई तक साइकिल चलाकर पहुंचने का कठिन लक्ष्य हासिल किया। यह सफर सिर्फ दूरी तय करने भर का नहीं था, बल्कि हर दिन खुद से एक नई लड़ाई लड़ने जैसा था। दुर्गम पहाड़ी रास्ते, बर्फ से ढकी पगडंडियां, कम ऑक्सीजन और -12 डिग्री सेल्सियस तक गिरता तापमान, इन सभी चुनौतियों का सामना करते हुए दिव्या ने हार नहीं मानी।

यात्रा के दौरान उन्हें रोजाना 10 से 12 घंटे तक साइकिल चलानी पड़ी। कई बार हालात इतने कठिन हो जाते थे कि आगे बढ़ना लगभग असंभव लगने लगता था, लेकिन उनके मजबूत इरादों ने उन्हें हर मुश्किल से पार कराया। दिव्या का कहना है कि यह यात्रा केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में जुनून हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

इस साहसिक अभियान को गोरखपुर प्रशासन ने फ्लैग-ऑफ किया था। उनकी सफलता के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। बेस कैंप पर तिरंगा लहराते हुए उनकी तस्वीरें युवाओं के लिए खास प्रेरणा बन गई हैं। दिव्या सिंह की यह उपलब्धि न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सीमाएं सिर्फ सोच में होती हैं, हौसले में नहीं।

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