बिहार के भागलपुर जिले को जल्द ही एक बड़ी आध्यात्मिक सौगात मिलने जा रही है। यहां योग हब विकसित किया जाएगा, जिसके लिए करीब 100 से 120 एकड़ जमीन की मांग की गई है। इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण 112 फीट ऊंची भगवान शिव (भोलेनाथ) की भव्य प्रतिमा होगी, जो इसे खास पहचान देगी।
ईशा फाउंडेशन करेगा निर्माण
जानकारी के अनुसार, इस योग हब का निर्माण दक्षिण भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव की संस्था ‘ईशा फाउंडेशन’ द्वारा किया जाएगा। संस्था ने ही इसके लिए जमीन की मांग की है। कोयंबटूर और बेंगलुरु की तर्ज पर यहां आदियोगी शिव मंदिर स्थापित करने की योजना है, जिससे भागलपुर एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।
पर्यटन विभाग भी हुआ सक्रिय
इस परियोजना को लेकर बिहार का पर्यटन विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवरे ने भागलपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जमीन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी और जमीन आवंटन पर निर्णय लिया जाएगा।
योग, ध्यान और स्वास्थ्य की सुविधाएं
यह योग हब सिर्फ मंदिर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक समग्र आध्यात्मिक और वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां योग अभ्यास के लिए विशेष व्यवस्था, मेडिटेशन हॉल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही योग विज्ञान से जुड़े कार्यक्रम और गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिससे लोगों को शारीरिक और मानसिक लाभ मिल सके।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
भागलपुर पहले से ही कई ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। योग हब बनने से जिले को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।

