मॉरीशस में अक्टूबर 2026 में होगा अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी महोत्सव, 28 दिवसीय भोजपुरी यात्रा का भी आयोजन

Date:

नई दिल्ली/पोर्ट लुई। भोजपुरी भाषा, संस्कृति और प्रवासी विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में मॉरीशस में अक्टूबर 2026 में ‘अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी महोत्सव विरासत 2026’ (International Bhojpuri Festival Heritage 2026) का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही भारत और मॉरीशस के भोजपुरी प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी में 28 सितंबर से 25 अक्टूबर 2026 तक 28 दिवसीय भोजपुरी यात्रा का भी आयोजन प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम 4, 9 और 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगा। यह जानकारी डॉ. हुशीला देवी रिसाउल मिश्र ने दी है। डॉ. हुशीला देवी अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) बनारस वर्ल्ड भोजपुरी एसोसिएशन, मॉरीशस हैं। वह निदेशक, निर्माता, लेखिका, गायिका एवं अभिनेत्री भी हैं।

ये भी पढ़ें- लोकधुनों को मन और विज्ञान से जोड़ने वाले संगीत साधक डॉ. दुर्गेश कुमार उपाध्याय

डॉ. हुशीला देवी ने बताया कि महोत्सव का आयोजन भोजपुरी संगीत कलाकार एसोसिएशन, बनारस वर्ल्ड भोजपुरी एसोसिएशन (मॉरीशस), गोपियो इंटरनेशनल मॉरीशस तथा वर्ल्ड भोजपुरी ऑर्गेनाइजेशन, वाराणसी (भारत) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम में भोजपुरी संस्कृति, लोकगीत, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत और मॉरीशस की साझा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार महोत्सव में भोजपुरी गीत-गवाई, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा भोजपुरी और हिंदी फिल्म संगीत से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। भारत से कई विशिष्ट अतिथियों एवं सांस्कृतिक हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। आमंत्रण पत्र में रूपेश गुप्ता और डॉ. अपूर्व नारायण तिवारी के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का उल्लेख किया गया है।
कार्यक्रम के लिए तीन अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं
4 अक्टूबर, 2026
स्थान: ललमती (Lallmatie)
स्थल: जलमती वैश्य हॉल (Jallmatie Vaish Hall)
समय: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
● 9 अक्टूबर, 2026
स्थल: सेंट हिलैरे कम्युनिटी सेंटर (St. Hilaire Community Center)
समय: दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
● 10 अक्टूबर, 2026
स्थल: मेडीन कैंप डी मास्क (Medine Camp De Masque)
समय: दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक

ये भी पढ़ें- मॉरीशस में भोजपुरी का गला किसने घोंटा?

गौरतलब है कि मॉरीशस में भोजपुरी भाषा और संस्कृति की समृद्ध परंपरा आज भी जीवंत है। भारतीय गिरमिटिया श्रमिकों के साथ पहुंची भोजपुरी संस्कृति वहां की सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। मॉरीशस की प्रसिद्ध ‘गीत-गवाई’ परंपरा को यूनेस्को द्वारा अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में भी शामिल किया जा चुका है।
यह महोत्सव भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भोजपुरी भाषा और उसकी विरासत को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

ये भी पढ़ें- भोजपुरी के शेक्सपियर क्यों कहलाए भिखारी ठाकुर?

1 COMMENT

  1. माॅरिशस में आयोजित होखेवाला भोजपुरी महोत्सव में हमहू शामिल होखभ। ईहवा बड़ा बढ़िया तैयारी आ कार्यक्रम होखेला। हम ऐकर सफलता खातिर भगवान् से प्रार्थना करत बानी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

लोक-संस्कृति की अमर धरोहर, जनवादी कविराज-गीतकार शैलेंद्र

 डॉ. संतोष पटेल जन्मदिन विशेष: शैलेंद्र ने भारत की पहली...

‘गंगा रतन बिदेसी’ भोजपुरी उपन्यास में प्रवासी जीवन की पीड़ा

समीक्षक: प्रकाश प्रियांशु भोजपुरी साहित्य धारा में उपन्यास विधा अपेक्षाकृत...

भोजपुरी में पढ़ाई जाएंगी कबीर की उलटबांसियां, नए सिलेबस में कबीर से पत्रकारिता तक

पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों में भोजपुरी से स्नातक करने...