तकनीक से नई पहचान पा रही हमारी भोजपुरी : प्रकाश उदय

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यायावरी भोजपुरी महोत्सव 2026 में जुटे साहित्यकार, पद्मश्री भरत सिंह भारती सम्मानित

गोरखपुर। भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के सम्मान, विकास और संरक्षण को समर्पित ‘यायावरी भोजपुरी महोत्सव 2026’ का आयोजन सोमवार को गोरखपुर के गोकुल अतिथि गृह में किया गया। महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए साहित्यकारों, कलाकारों और भाषा प्रेमियों ने भोजपुरी के वर्तमान और भविष्य पर विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ लोकगायक एवं पद्मश्री सम्मानित भरत सिंह भारती को ‘यायावरी शिखर सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार प्रकाश उदय ने कहा कि तकनीक और डिजिटल माध्यमों ने भोजपुरी भाषा को नई ऊर्जा दी है। अब भोजपुरी को लिखना, पढ़ना और दुनिया तक पहुंचाना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण भोजपुरी साहित्य और पाठकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। सम्मान प्राप्त करने के बाद भरत सिंह भारती ने यायावरी परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भोजपुरी लोकसंगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की जरूरत है।

विशिष्ट अतिथि पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं वरिष्ठ साहित्यकार त्रिलोक नाथ पांडेय ने प्रशासनिक सेवा के दौरान भोजपुरी भाषा के प्रयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में ईश्वर बृज फाउंडेशन के मुख्य न्यासी ब्रजेश्वर मणि त्रिपाठी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यायावरी वाया भोजपुरी की निदेशक डॉ. क्षमा त्रिपाठी ने महोत्सव का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

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महोत्सव के विभिन्न सत्रों में भोजपुरी साहित्य, लोक संस्कृति, कथा संसार और मनोरंजन जगत पर चर्चा हुई। चर्चित वेब सीरीज ‘खाकी : द बिहार चैप्टर’ के गीतकार डॉ. सागर ने कहा कि फिल्मों और वेब सीरीज में गीत हमेशा पटकथा और पात्रों की जरूरत के अनुसार लिखे जाते हैं। उन्होंने अपने चर्चित गीत ‘ठोक देंगे कट्टा कपार में, आइए ना हमारा बिहार में…’ के संदर्भ में भी अनुभव साझा किए।

प्रो. विमलेश मिश्र ने भोजपुरी भाषा के विकास के लिए उसकी मौलिकता बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं डॉ. रंजन कुमार त्रिपाठी, विंग कमांडर अश्विनी दूबे और डॉ. शिरीष कुमार पाठक ने समाज के शिक्षित वर्ग से भोजपुरी के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

कार्यक्रम में फिल्म राइटर, कहानीकार विमल चंद्र पांडेय को सम्मानित करते हुए

भोजपुरिया माटी के आधी दुनिया सत्र में अमिता तिवारी, दिव्या सिंह, डॉ. क्षमा त्रिपाठी ने महिलाओं के भोजपुरी भाषा में बढ़ती भागीदारी की बातें कहीं। त्रिलोक नाथ, प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, उपन्यासकार-कहानीकार, फिल्म राइटर विमल चंद्र पांडेय ने भी विचार रखे। अंत में राम भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें लोक गायिका चंदन तिवारी ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

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