बक्सर। भोजपुरी गीत-संगीत और मंचीय कार्यक्रमों में बढ़ती अश्लीलता को लेकर बक्सर के महदह निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं राष्ट्रवादी अटल सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्द कुमार तिवारी ने बिहार सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार को पत्र भेजकर भोजपुरी भाषा और संस्कृति की गरिमा बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।
तिवारी ने कहा कि कुछ कलाकारों, आयोजकों और रिकॉर्डिंग कंपनियों की वजह से भोजपुरी भाषा की छवि लगातार धूमिल हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्टेज शो के नाम पर अश्लील गीत, अभद्र संवाद और आपत्तिजनक नृत्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिससे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
ये भी पढ़ें- आकाशवाणी पटना से भोजपुरी समाचार बुलेटिन का शुभारंभ, श्रोताओं में उत्साह
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि कई आयोजनों में महिलाओं और परिवारों के सामने अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया जाता है तथा मंचों पर ऐसे दृश्य प्रस्तुत किए जाते हैं जो सामाजिक मर्यादा के खिलाफ हैं। इससे भोजपुरी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंच रहा है।
भोजपुरी संस्कृति के संरक्षण के लिए नन्द कुमार तिवारी ने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें स्टेज शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य करना, आयोजकों से शपथ-पत्र लेना, भोजपुरी कलाकारों एवं रिकॉर्डिंग कंपनियों का पंजीकरण सुनिश्चित करना तथा अश्लील कंटेंट पर रोक लगाना शामिल है।
इसके अलावा उन्होंने भोजपुरी गीतों और नृत्यों की निगरानी के लिए विशेष सेंसर व्यवस्था लागू करने और सार्वजनिक स्थानों, शादी-विवाह समारोहों तथा पूजा पंडालों में अश्लील गीत बजाने पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।
ये भी पढ़ें- भोजपुरी के शब्द बोलकर वोट लेने वाले क्यों नहीं लड़ते भोजपुरी की लड़ाई ?
तिवारी ने कहा कि भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आड़ में अश्लीलता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उनकी इस पहल को सोशल मीडिया पर भी समर्थन मिल रहा है। कई लोगों का कहना है कि भोजपुरी भाषा कबीर, भिखारी ठाकुर और महेंद्र मिसिर जैसी महान विभूतियों की विरासत है, इसलिए इसकी गरिमा और सांस्कृतिक पहचान को बचाना समय की जरूरत है।

