Tag: Bhojpuri Literature

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भोजपुरी को कटघरे में खड़ा करने वाले अश्लीलता भाषा में है या नजर में?

प्रभात जी का यह कोई नया कथन नहीं है। अपनी बज्जिका का भाग्य जगाने के चक्कर में वे भोजपुरी को अपना सबसे बड़ा दुश्मन...

हीरा प्रसाद ठाकुर: भोजपुरी साहित्य के वह पुरोधा, जिन्होंने एक नहीं, कई विधाओं को दी नई ताकत

कविता से महाकाव्य तक, नाटक से उपन्यास और बाल साहित्य तक फैला रचनात्मक संसार भोजपुरी साहित्य के इतिहास में हीरा प्रसाद ठाकुर का नाम उन...

भोजपुरी लघुकथा: मनावन

लेखक: संगीत सुभाष लइकी अनमुनाहे मोबाइल टावर पर चढ़ि गइलि। किरिन उगला पर लोग देखल। बात एक मुँह से हजारन मुँह होखे लागल- 'फलनवाँ के...

गीत, ग़ज़ल और व्यंग्य के साथ भोजपुरी की सेवा में ‘संगीत सुभाष’

आलेख : डॉ० दिनेश प्रसाद सिन्हा Bhojpuri24.com की विशेष शृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय भोजपुरी साहित्य के ऐसे बहुआयामी रचनाकार से, जिन्होंने सुरों से...

आचार्य शिवपूजन सहाय, जिन्होंने भोजपुरी साहित्य को दिया नया आधार और सम्मान

बाबा भोजपुरियाBhojpuri24.com की ‘भोजपुरी पुरोधा’ शृंखल में आज प्रस्तुत हैं भोजपुरी और हिंदी साहित्य के ऐसे महान आचार्य, जिन्होंने अपनी लेखनी, संपादन क्षमता और...

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‘हम मेहररुए नू हईं’: स्त्री की पीड़ा, प्रतिरोध और भीतर छिपल आग के सशक्त स्वर

समीक्षक- राजेश भोजपुरियाचर्चित कवयित्री आ लेखिका डॉ. संध्या सिन्हा के...

भाषाओं की भीड़ में भोजपुरी ही क्यों बाहर? करोड़ों की जुबान के सवाल पर सरकार मौन

भारत की भाषाई विविधता दुनिया में अपनी अलग पहचान...

‘ककहरा’ भोजपुरी काव्य की समकालीन समझ का सार्थक प्रयास

समीक्षक: डॉ० दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी अपनी वाचिक परंपरा, लोकधर्मी...

‘बार के दीअरी दहा दिहिला’, भोजपुरी गजल आ गीत में माटी के महक के अनमोल संग्रह

समीक्षक: राजेश भोजपुरिया भोजपुरी साहित्य में गजल आ गीत के...

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