राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर
भोजपुरी माटी के सोंधी सुवास आ एकर जीवंत लोकसंस्कृति के अपना रचनाकर्म से पूरा देश-दुनिया में फैलावे वाला ख्यातिप्राप्त कवि, गीतकार, गजलकार...
समीक्षक: राजेश भोजपुरिया
'सँउसे चान आकासे' भोजपुरी की चर्चित कवयित्री डॉ. वीणा पाण्डेय 'भारती' का पहला भोजपुरी काव्य-संग्रह है। इसका प्रकाशन जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद्...
Bhojpuri24.com की शृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय उस बहुआयामी व्यक्तित्व का, जिन्होंने भोजपुरी लोकसंगीत को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं माना, बल्कि उसे...
Bhojpuri24.com की विशेष श्रृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय उस साहित्य साधक का, जिन्होंने भोजपुरी भाषा को केवल लोकगीतों और लोकसंस्कृति तक सीमित नहीं...
मुक्तक
भोजपुरिया अब बोल रहल, माटी ह अनमोल
जहाँ गूँजल बा राजेन्द्र आ जयप्रकाश के बोल
कुंवर के धरती,बुद्ध,गांधी के इहे देखवलस राह
ई धरती पर पैदा भइले,...