लखनऊ में अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर भोजपुरी भाषा, लोकसंस्कृति और साहित्य के संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश में भोजपुरी अकादमी के गठन, भोजपुरी संग्रहालय की स्थापना, भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने तथा छठ महापर्व पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की।
प्रभुनाथ राय ने कहा कि भोजपुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता की समृद्ध पहचान है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी समाज सदियों से भारतीय परंपराओं, लोकगीतों, लोकसाहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोए हुए है। ऐसे में इसके संरक्षण और विकास के लिए संस्थागत प्रयास बेहद जरूरी हैं।
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उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश में एक सशक्त भोजपुरी अकादमी बनाई जाए, जो भाषा, साहित्य, लोककला और शोध कार्यों को बढ़ावा दे सके। साथ ही भोजपुरी संस्कृति और इतिहास को संरक्षित करने के लिए एक आधुनिक भोजपुरी संग्रहालय की स्थापना भी की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत से जुड़ सकें।
प्रभुनाथ राय ने कहा कि भोजपुरी के साहित्यकारों, कवियों और लोक कलाकारों ने समाज और संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके कार्यों, पांडुलिपियों, पुस्तकों और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना समय की आवश्यकता है।
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उन्होंने यह भी कहा कि भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इससे भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिलेगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए प्रभुनाथ राय ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार भोजपुरी संस्कृति और छठ महापर्व को सम्मान देने का काम कर रहे हैं। हर वर्ष उनका छठ घाटों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं का अभिवादन करना भोजपुरी समाज के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री भोजपुरी भाषा और संस्कृति के विकास के लिए आगे भी सकारात्मक पहल करेंगे।
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