कुशीनगर के जोगिया जनूबी पट्टी से दिनेश तिवारी भोजपुरिया के लाइव रिपोर्ट
लोकरंग सांस्कृतिक समिति द्वारा 11-12 अप्रैल को आयोजित होने वाले लोकरंग महोत्सव की तैयारियाँ अब पूर्णता की ओर हैं। जोगिया जनूबी पट्टी इस आयोजन के माध्यम से एक सुसंगठित ‘कला ग्राम’ के रूप में विकसित हो चुका है, जहाँ ग्रामीण परिवेश को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान किया गया है।
महोत्सव से पूर्व गाँव में व्यापक स्तर पर कलात्मक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। संभावना कला मंच के कलाकार, वरिष्ठ चित्रकार सुधीर कुमार सिंह के निर्देशन में, विभिन्न स्थलों पर भित्ति चित्रों का निर्माण कर रहे हैं। इन चित्रों में लोक संस्कृति, पारंपरिक जीवन शैली, प्रकृति तथा आदिवासी विरासत के विविध आयामों को रेखांकित किया गया है। शिवांशी शर्मा, आदित्य भारद्वाज, प्रिया मौर्या, दीपक शर्मा, आँचल, निवन्तिका राय, पंखुड़ी विश्वकर्मा, हर्ष विश्वकर्मा एवं किशन सहित कलाकारों की टीम इस कार्य में सक्रिय रूप से संलग्न है।
आयोजन स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों को आकर्षक सजावट के माध्यम से उत्सव के अनुरूप रूपांतरित किया गया है। सड़कों और गलियों में झंडियाँ, बैनर एवं अन्य सजावटी तत्व स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे समूचा क्षेत्र सांस्कृतिक उत्सव की भावना से ओत-प्रोत दिखाई दे रहा है। निर्धारित कार्यक्रमानुसार, सजावट कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा और तत्पश्चात मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे।


लोकरंग महोत्सव का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बौद्धिक और साहित्यिक संवाद को भी प्रोत्साहित करता है। इसी क्रम में, आयोजन स्थल पर साहित्यिक एवं ऐतिहासिक पुस्तकों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जो आगंतुकों को अध्ययन और विमर्श का अवसर प्रदान करेंगे।
इस आयोजन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। हदीस अंसारी के नेतृत्व में विष्णुदेव राय, भुवनेश्वर राय, सिकंदर, संजय कुशवाहा, अमज़द अली, इमरान एवं आसिफ़ सहित अनेक युवा विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं, जिससे आयोजन की व्यवस्थाएँ सुदृढ़ और व्यवस्थित बन रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ से सांस्कृतिक दल का आगमन आज सायंकाल तक प्रस्तावित है, जबकि अन्य राज्यों से आने वाले दल 11 अप्रैल को प्रातः से दोपहर के बीच पहुँचेंगे। दो दिवसीय इस महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों की लोक कलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।


लोकरंग सांस्कृतिक समिति ने सभी कला प्रेमियों, साहित्यकारों एवं दर्शकों को इस आयोजन में सहभागिता हेतु आमंत्रित किया है। यह महोत्सव ग्रामीण परिवेश में सांस्कृतिक संरक्षण, संवर्धन एवं संवाद का एक सशक्त मंच सिद्ध होगा।


चलीं सभे जनूबी पट्टी जोगिया के गांव में ,
होखsता लोकरंग ओहीं भोजपुरी छाँव में
यह कार्यक्रम भोजपुरी लोक संस्कृति के लिए विरेचक की भूमिका निभा रहा है।
खूब शुभकामना