पटना: क्रिकेट की दुनिया में एक नया नाम तेजी से उभर रहा है वैभव सूर्यवंशी। बिहार के लाल ने महज 15 साल की उम्र में उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे देखकर दिग्गज भी हैरान हैं। 27 मार्च को अपना 15वां जन्मदिन मनाने के तीन दिन बाद ही वैभव ने IPL में अपनी तूफानी बल्लेबाज़ी से सबका ध्यान खींच लिया। उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जड़कर एक नया रिकॉर्ड बना दिया।
गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम जहां 127 रन पर सिमट गई, वहीं उसी पिच पर वैभव ने चौके-छक्कों की बारिश कर दी। उन्होंने 17 गेंदों में 52 रन बनाए, जिसमें चार चौके और पांच छक्के शामिल थे। उनकी इस शानदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 128 रन का लक्ष्य महज 12.1 ओवर में हासिल कर लिया।
वैभव की बल्लेबाज़ी में सबसे खास बात उनकी निडरता और आत्मविश्वास है। उन्होंने बताया कि कोच ने उन्हें सिर्फ अपना नेचुरल गेम खेलने की सलाह दी थी। वहीं, उनके साथी खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल भी उन्हें खुलकर खेलने के लिए प्रेरित कर रहे थे। यही वजह रही कि वैभव ने हर मौके का फायदा उठाया और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाज़ी की।
टीम के कप्तान रियान पराग का भरोसा भी उनके प्रदर्शन में झलकता है। पराग ने उन्हें साफ तौर पर कहा था कि वे पूरे टूर्नामेंट में खेलेंगे और किसी तरह का दबाव लेने की जरूरत नहीं है। इससे वैभव को खुलकर खेलने की आजादी मिली।
वैभव ने अपनी रणनीति स्पष्ट रखी और पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। शुरुआत में पिच थोड़ी धीमी थी, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी हुई, उन्होंने आक्रामक खेल दिखाया और रन गति तेज कर दी। यह पहली बार नहीं है जब वैभव ने ऐसा प्रदर्शन किया हो। पिछले सीजन में भी उन्होंने 35 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रचा था। 2025 में महज 14 साल की उम्र में IPL डेब्यू करने वाले वैभव ने 252 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
उनके इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट जगत के दिग्गज भी उनके मुरीद हो गए हैं। हर्षा भोगले ने कहा कि यह खिलाड़ी दर्शकों को मैदान तक खींचेगा, जबकि इरफान पठान ने उन्हें ‘स्पेशल किड बताया। मोहम्मद कैफ ने भी माना कि अब वैभव अगले स्तर के लिए पूरी तरह तैयार हैं।बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी उनकी तारीफ करते हुए कहा कि यह खिलाड़ी भविष्य में कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ एक युवा खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का उभरता भोजपुरिया धुरंधर बन चुके हैं।

