पुस्तक/फिल्म समीक्षा

भोजपुरी पाठकों के लिए अनमोल कृति है भोजपुरी में श्रीमद्भगवद् गीता

समीक्षक: डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा श्रीमद् भगवद् गीता भारतीय ज्ञान-परंपरा का ऐसा महान ग्रंथ है, जिसकी प्रासंगिकता किसी एक समय, वर्ग अथवा भूगोल तक सीमित...

‘हम मेहररुए नू हईं’: स्त्री की पीड़ा, प्रतिरोध और भीतर छिपल आग के सशक्त स्वर

समीक्षक- राजेश भोजपुरियाचर्चित कवयित्री आ लेखिका डॉ. संध्या सिन्हा के चर्चित भोजपुरी काव्य-संग्रह ‘दोहमच’ में शामिल रचना ‘हम मेहररुए नू हईं’ स्त्री-जीवन के पीड़ा, संघर्ष,...

‘ककहरा’ भोजपुरी काव्य की समकालीन समझ का सार्थक प्रयास

समीक्षक: डॉ० दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी अपनी वाचिक परंपरा, लोकधर्मी चेतना और गेयता के लिए विश्वभर में पहचानी जाती है। सदियों से यह भाषा लोकजीवन...

‘बार के दीअरी दहा दिहिला’, भोजपुरी गजल आ गीत में माटी के महक के अनमोल संग्रह

समीक्षक: राजेश भोजपुरिया भोजपुरी साहित्य में गजल आ गीत के परंपरा के समृद्ध करे वाला डॉ. उदय प्रताप हयात के पहिला भोजपुरी गजल-गीत संग्रह 'बार...

‘फगुआ के पहरा’ भोजपुरी कविता में लोकसंवेदना और प्रयोग का विस्तार

समीक्षक : डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी साहित्य में ऐसी कृतियों का विशेष महत्त्व है, जिनमें लोकजीवन की सहजता के साथ समय और समाज की...

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