नई दिल्ली। भोजपुरी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर भोजपुरी जन जागरण अभियान की ओर से 2 अगस्त 2026 (रविवार) को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28वें शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। यह धरना दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।
अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भाषाविद डॉ. संतोष पटेल ने कहा कि भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा भोजपुरी को मान्यता देने के पक्ष में रही है, लेकिन विडंबना यह है कि करीब 20 करोड़ भोजपुरी भाषियों को अब तक केवल इंतजार ही मिला है।
डॉ. पटेल ने कहा, ‘हम निराश जरूर हैं, लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी है। जब तक भोजपुरी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में आधिकारिक रूप से शामिल नहीं किया जाता, तब तक हमारा आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।’
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है तथा इसका उद्देश्य भोजपुरी भाषी समाज की आवाज को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है।
अभियान से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देशभर के भोजपुरी भाषियों, साहित्यकारों, कलाकारों, सामाजिक संगठनों और भाषा प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर धरना प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है।
भोजपुरी जन जागरण अभियान का कहना है कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल होने से भोजपुरी भाषा को शिक्षा, प्रशासन, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी संस्थानों में व्यापक पहचान मिलेगी, जिससे भाषा और संस्कृति के संरक्षण को भी नई गति मिलेगी।


Purna
Samarthan
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