अजीत दुबे, राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व भोजपुरी सम्मेलन
भोजपुरी केवल बोलचाल की भाषा नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक पहचान और भावनात्मक...
समीक्षक- राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर
भोजपुरी साहित्य के इतिहास पर गंभीर और शोधपरक कार्य अपेक्षाकृत कम हुए हैं। ऐसे समय में ‘भोजपुरी कविता के इतिहास’ जैसी...
Bhojpuri24.com की विशेष श्रृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय उस साहित्य-मनीषी का, जिन्होंने भोजपुरी को केवल एक बोली नहीं, बल्कि भारतीय लोकजीवन, सांस्कृतिक चेतना...