Tag: भोजपुरी कविता

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जिंदगी के रंग से सराबोर जौहर का ‘रंगमहल’

समीक्षक : कनक किशोर भोजपुरी ग़ज़ल की दुनिया में सूफी संत जौहर शाफियाबादी एक नामचीन ग़ज़लकार के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। भोजपुरी...

भोजपुरी गीत, कविता आ गजल के अनमोल मणिका: डॉ. गोरख प्रसाद मस्ताना

राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर भोजपुरी माटी के सोंधी सुवास आ एकर जीवंत लोकसंस्कृति के अपना रचनाकर्म से पूरा देश-दुनिया में फैलावे वाला ख्यातिप्राप्त कवि, गीतकार, गजलकार...

भोजपुरी माटी, लोकसंवेदना और साहित्य साधना के प्रतिबद्ध रचनाकार शुभ नारायण सिंह ‘शुभ’

Bhojpuri24.com की विशेष शृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय ऐसे साहित्य साधक का, जिन्होंने शिक्षक के रूप में समाज को शिक्षित करने के साथ...

भोजपुरिये के नाँव प काहे संसद में चुप बानी?’: मनोज भावुक की कविता में संवैधानिक पहचान की मांग को आवाज

भोजपुरी को हेय दृष्टि से देखने वाली सोच पर व्यंग्य, भाषा के सम्मान और संवैधानिक पहचान की मांग को आवाज भोजपुरी भाषा और संस्कृति के...

‘मालिक बहुत मानते हैं’, भोजपुरी की दुर्दशा पर मनोज भावुक का करारा व्यंग्य

भोजपुरी को हेय दृष्टि से देखने वालों पर व्यंग्य के जरिए उठाई आवाज, भाषा और संस्कृति के सम्मान का संदेश भोजपुरी भाषा और संस्कृति को...

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भोजपुरी पाठकों के लिए अनमोल कृति है भोजपुरी में श्रीमद्भगवद् गीता

समीक्षक: डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा श्रीमद् भगवद् गीता भारतीय ज्ञान-परंपरा...

‘हम मेहररुए नू हईं’: स्त्री की पीड़ा, प्रतिरोध और भीतर छिपल आग के सशक्त स्वर

समीक्षक- राजेश भोजपुरियाचर्चित कवयित्री आ लेखिका डॉ. संध्या सिन्हा के...

भाषाओं की भीड़ में भोजपुरी ही क्यों बाहर? करोड़ों की जुबान के सवाल पर सरकार मौन

भारत की भाषाई विविधता दुनिया में अपनी अलग पहचान...

‘ककहरा’ भोजपुरी काव्य की समकालीन समझ का सार्थक प्रयास

समीक्षक: डॉ० दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी अपनी वाचिक परंपरा, लोकधर्मी...

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