Tag: भोजपुरी कविता

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खाली किताब ना हऽ, छँनत मन के अंजोर हऽ ‘पढ़त-लिखत’

समीक्षक: निलय उपाध्याय आज सुनील कुमार पाठक जी से मुलाकात हुई और सुबह सुंदर हो गई। उनकी किताब मिली। किताब भोजपुरी में है और इसका...

‘भोजपुरी के मान्यता देईं, ए सरकार’ : भाषा-अस्मिता, लोकचेतना और जनआंदोलन का काव्यात्मक दस्तावेज

समीक्षक : डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी की मान्यता की मांग को कविता का जनस्वर बनाता संग्रह भोजपुरी भाषा की संवैधानिक मान्यता का सवाल केवल भाषा...

पीड़ा, प्रश्न और प्रतिकार के स्वर से भोजपुरी को ताकतवर बनाती बलभद्र की समीक्षा

समीक्षक: डॉ. सुनील कुमार पाठक भोजपुरी के प्रख्यात रचनाकार बलभद्र के समालोचनात्मक आलेखों का संग्रह ‘भोजपुरी साहित्य : देश के देस का’ सर्वभाषा ट्रस्ट, नई...

गीत, ग़ज़ल और व्यंग्य के साथ भोजपुरी की सेवा में ‘संगीत सुभाष’

आलेख : डॉ० दिनेश प्रसाद सिन्हा Bhojpuri24.com की विशेष शृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय भोजपुरी साहित्य के ऐसे बहुआयामी रचनाकार से, जिन्होंने सुरों से...

पुस्तक समीक्षा: मूक क्रंदन की आवाज ‘अनबोलता’

भोजपुरी काव्य संग्रह: अनबोलता रचनाकार: डॉ. संतोष पटेल समीक्षक: डॉ. पुष्कर कुमार साहित्य केवल व्यक्तिगत भावनाओं और दुःखों की अभिव्यक्ति नहीं होता, बल्कि यह समाज के हाशिए...

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भोजपुरी पाठकों के लिए अनमोल कृति है भोजपुरी में श्रीमद्भगवद् गीता

समीक्षक: डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा श्रीमद् भगवद् गीता भारतीय ज्ञान-परंपरा...

‘हम मेहररुए नू हईं’: स्त्री की पीड़ा, प्रतिरोध और भीतर छिपल आग के सशक्त स्वर

समीक्षक- राजेश भोजपुरियाचर्चित कवयित्री आ लेखिका डॉ. संध्या सिन्हा के...

भाषाओं की भीड़ में भोजपुरी ही क्यों बाहर? करोड़ों की जुबान के सवाल पर सरकार मौन

भारत की भाषाई विविधता दुनिया में अपनी अलग पहचान...

‘ककहरा’ भोजपुरी काव्य की समकालीन समझ का सार्थक प्रयास

समीक्षक: डॉ० दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी अपनी वाचिक परंपरा, लोकधर्मी...

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