डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह
भोजपुरी की गीत परंपरा में प्रतिरोध, राग-विराग, संयोग-वियोग, संस्कार और जन सरोकारों की चेतना प्रवाहित होती रही है। वहीं इक्कीसवीं सदी...
प्रेम, विरह, भक्ति, राष्ट्रप्रेम और लोकजीवन को गीतों में पिरोने वाले ऐसे लोकनायक, जिन्होंने भोजपुरी को गांव की चौपाल से विश्व मंच तक पहुंचाया
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Bhojpuri Folk Songs: Not Just Entertainment, but Life’s Living Records भोजपुरी लोकगीत भारतीय लोकसंस्कृति की उन अमूल्य धरोहरों में से हैं, जो सदियों से...