‘धुरंधर’ के सुपरहिट गाने का भोजपुरी तड़का वायरल, सोशल मीडिया पर भइल बा बवाल

Date:

पटना: ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ का चर्चित गाना ‘गहरा’ एक बार फिर सुर्खियों में है, इस बार अपने भोजपुरी अंदाज के कारण। इस गाने का भोजपुरी वर्जन इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों को खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर इसे सुनने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यूजर्स इसके दीवाने होते जा रहे हैं।

मृत्युंजय रॉय ने दी भोजपुरी में नई पहचान
इस वायरल वर्जन को म्यूजिक क्रिएटर और सिंगर मृत्युंजय रॉय ने अपनी आवाज़ दी है। उन्होंने न सिर्फ गाने को भोजपुरी में ढाला, बल्कि अपने खास अंदाज से उसमें नई जान भी फूंक दी। मृत्युंजय पहले भी कई बॉलीवुड गानों को भोजपुरी में पेश कर चुके हैं और उनकी यह कोशिश दर्शकों को काफी पसंद आती है। यही वजह है कि उनका यह नया वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है।

इंस्टाग्राम पर शेयर होते ही छाया वीडियो
मृत्युंजय ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया, जहां उन्होंने एक दिलचस्प अंदाज़ में सवाल किया, ‘अगर ‘धुरंधर’ का यह गाना भोजपुरी में होता तो कैसा लगता?’ इसके बाद उन्होंने पूरे भाव के साथ गाना गाकर सुनाया। गाने के बोल और उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को बांध लिया, जिससे यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Mrityunjay Roy (@mrityunjay9550)

फैंस के रिएक्शन ने बढ़ाया उत्साह
वीडियो पर हजारों की संख्या में कमेंट्स आ चुके हैं। यूजर्स उनकी आवाज़ और क्रिएटिविटी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। किसी ने लिखा कि भोजपुरी इंडस्ट्री को ऐसे टैलेंटेड सिंगर्स की जरूरत है, तो किसी ने खुद को उनका फैन बता दिया। कई लोगों ने उनके इस प्रयास को ‘फ्रेश’ और ‘दिल छू लेने वाला’ बताया। कुल मिलाकर, फैंस का जबरदस्त रिस्पॉन्स इस वीडियो की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहा है।

भोजपुरी में बॉलीवुड गानों का बढ़ता ट्रेंड
मृत्युंजय रॉय इससे पहले भी कई लोकप्रिय हिंदी गानों को भोजपुरी अंदाज़ में पेश कर चुके हैं। ‘सैयारा’, ‘हौले-हौले हो जाएगा प्यार’, ‘चुरा के दिल मेरा’ और ‘दिल तो पागल है’ जैसे गानों के उनके भोजपुरी वर्जन पहले ही दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो चुके हैं। उनका यूट्यूब चैनल भी है, जहां वे ऐसे ही गानों को शेयर करते रहते हैं। कुल मिलाकर, ‘धुरंधर’ के इस सुपरहिट गाने का भोजपुरी वर्जन यह दिखाता है कि भाषा बदलने से संगीत का जादू कम नहीं होता, बल्कि नए रंग में और भी ज्यादा निखर कर सामने आता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

शाही लीची, जो हर गर्मी में बिहार को महकाती है

शाही लीची के लिए मशहूर बिहार का मुजफ्फरपुर जिले...

अब बच्चे पढ़ेंगे भोजपुरी, मैथिली और बज्जिका की कविताएं

मुजफ्फरपुर में बच्चों को भोजपुरी, मैथिली, बज्जिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की कविताएं और गीत सिखाने के लिए 'बालपन की कविता पहल' की शुरुआत की गई है। पटना: बदलते शिक्षा...

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित इस बौद्ध स्तूप का इतिहास क्या है…

अंजली पांडेय की रिपोर्ट पूर्वी चंपारण: अक्सर बातचीत या...