समाचार

‘डुबि गइल गाँव-घर-बधार…’ बाढ़ की त्रासदी और किसान के दर्द का मर्मस्पर्शी दस्तावेज

राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व पत्रकार दिनेश्वर प्रसाद सिंह ‘दिनेश’ द्वारा रचित गीत ‘डुबि गइल गाँव-घर-बधार’ बाढ़ की विभीषिका और उससे तबाह होते...

लोक-संस्कृति की अमर धरोहर, जनवादी कविराज-गीतकार शैलेंद्र

 डॉ. संतोष पटेल जन्मदिन विशेष: शैलेंद्र ने भारत की पहली भोजपुरी फिल्म 'गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो' (रिलीज वर्ष 1963) के सभी प्रसिद्ध गाने लिखे।...

भोजपुरी में का बा? भाग-1

डॉ. संतोष पटेल भोजपुरी साहित्य में कुछ काम अइसन भइल बा, जवन होखे वाला घटना से पहिलहीं सोच लिहल गइल बा। सुरेश कांटक जी भोजपुरी...

‘भोजपुरिया बवाल’ और भोजपुरी की छवि, नाम-भाषा और पहचान पर उठे सवाल

विनोद अनुपम, वरिष्ठ फिल्म समीक्षक बिहार के मुख्यमंत्री किसी भी मंच पर आने-जाने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति तय करने के...

भाषा, बाज़ार और अश्लीलता: भोजपुरी ही क्यों गुनहगार?

संतोष पटेल आधुनिक जनसंचार माध्यमों, सोशल मीडिया और डिजिटल एल्गोरिदम के इस युग में किसी संस्कृति या भाषा को बहुत जल्दी किसी एक कटघरे में...

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