मुंबई/पटना: अमिताभ बच्चन का नाम हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में लिया जाता है, लेकिन उनके करियर का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि उन्होंने भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया। आज जब भोजपुरी सिनेमा तेजी से बदल रहा है और बड़े स्तर पर बन रहा है, तब यह जानना और भी दिलचस्प हो जाता है कि बिग बी का इससे जुड़ाव कैसे हुआ। खास बात यह है कि उनका यह कदम किसी करियर रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि रिश्तों और भरोसे की मिसाल था।
मेकअप मैन की बात रखी, बन गई कहानी
अमिताभ बच्चन के भोजपुरी सिनेमा में आने की सबसे बड़ी वजह थे उनके लंबे समय से जुड़े मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत। दोनों के बीच गहरा विश्वास और दोस्ती थी। जब दीपक सावंत ने भोजपुरी फिल्मों के लिए उन्हें अप्रोच किया, तो बिग बी ने बिना किसी हिचक के उनकी बात मान ली।
दरअसल, दीपक सावंत ही इन फिल्मों के निर्माता थे और उन्होंने ही अमिताभ बच्चन को कास्ट किया। यह फैसला एक सुपरस्टार का नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान का था जो रिश्तों को निभाना जानता है।
तीन फिल्मों से जुड़ा खास अध्याय
अमिताभ बच्चन ने भोजपुरी सिनेमा में कुल तीन फिल्मों ‘गंगा’ (2006), ‘गंगोत्री’ (2007) और ‘गंगा देवी’ (2012) में काम किया। इन फिल्मों में उनकी मौजूदगी ने भोजपुरी इंडस्ट्री को एक अलग पहचान दिलाई। फिल्म ‘गंगा’ में उनके साथ मनोज तिवारी और रवि किशन नजर आए, जबकि ‘गंगोत्री’ में हेमा मालिनी, भूमिका चावला और संभावना सेठ जैसे कलाकार शामिल थे। वहीं ‘गंगा देवी’ में जया बच्चन, गुलशन ग्रोवर और दिनेश लाल यादव (निरहुआ) भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखे। इन सभी फिल्मों में बिग बी की एक्टिंग को दर्शकों ने खूब सराहा।
क्यों यहीं तक रहा सफर?
इन तीन फिल्मों के बाद अमिताभ बच्चन ने फिर किसी भोजपुरी फिल्म में काम नहीं किया। इसकी वजह साफ है कि उनका मुख्य फोकस हमेशा हिंदी सिनेमा और बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहा। भोजपुरी फिल्मों में उनका आना एक सीमित लेकिन महत्वपूर्ण जुड़ाव था, जिसने इस इंडस्ट्री को नई पहचान देने में मदद की।

