समीक्षक: प्रकाश प्रियांशु
भोजपुरी साहित्य धारा में उपन्यास विधा अपेक्षाकृत नई है, लेकिन इसमें जीवन के गहरे अनुभवों को प्रस्तुत करने की क्षमता अद्भुत रही...
डॉ. गुरु चरण सिंह, पूर्व महामंत्री, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, संप्रति उपाध्यक्ष, विश्व भोजपुरी सम्मेलन, दिल्ली
1880 के दशक से छपती किताबों से लेकर...