Tag: भोजपुरी साहित्य समीक्षा

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जिंदगी के रंग से सराबोर जौहर का ‘रंगमहल’

समीक्षक : कनक किशोर भोजपुरी ग़ज़ल की दुनिया में सूफी संत जौहर शाफियाबादी एक नामचीन ग़ज़लकार के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। भोजपुरी...

‘एकलव्य’ :गुरु-शिष्य परंपरा, सामाजिक समरसता और दलित चेतना का विशेष काव्य दस्तावेज

हालिया सन्दर्भ: प्रसिद्ध पब्लिशिंग हाउस ‘सेज’ (SAGE) से डॉ. गोरख प्रसाद ‘मस्ताना’ की पुस्तक ‘एकलव्य’ पर आधारित डॉ. दीपक कश्यप का शोध-आलेख ‘Sociology of...

भोजपुरी कविता की संवेदना, सौंदर्यशीलता और आलोचना-दृष्टि का प्रामाणिक दस्तावेज है -‘भोजपुरी कविता : रुचि आ रचाव’

समीक्षक : सूर्यदेव पाठक 'पराग' भोजपुरी साहित्य में सृजनात्मक विधाओं के समानान्तर आलोचना और समीक्षा- लेखन की परंपरा अपेक्षाकृत कम विकसित रही है। ऐसे समय...

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भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता की मांग को मिला नया आधार, केंद्रीय मंत्री ने किया उल्लेख

गजेंद्र सिंह शेखावत ने भोजपुरी की वैश्विक पहचान का...

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