Tag: भोजपुरी साहित्य समीक्षा

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‘गंगा रतन बिदेसी’ भोजपुरी उपन्यास में प्रवासी जीवन की पीड़ा

समीक्षक: प्रकाश प्रियांशु भोजपुरी साहित्य धारा में उपन्यास विधा अपेक्षाकृत नई है, लेकिन इसमें जीवन के गहरे अनुभवों को प्रस्तुत करने की क्षमता अद्भुत रही...

‘भोजपुरी के मान्यता देईं, ए सरकार’ : भाषा-अस्मिता, लोकचेतना और जनआंदोलन का काव्यात्मक दस्तावेज

समीक्षक : डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी की मान्यता की मांग को कविता का जनस्वर बनाता संग्रह भोजपुरी भाषा की संवैधानिक मान्यता का सवाल केवल भाषा...

‘फूलवा’ सामाजिक यथार्थवाद, नागरिकता संकट और लैंगिक विमर्श

डॉ. संतोष पटेल भोजपुरी कथा-साहित्य की परंपरा में नेपाल के तराई (मधेश) क्षेत्र से उभरने वाली कृतियाँ न केवल अपनी भाषाई सोंधापन के लिए जानी...

पीड़ा, प्रश्न और प्रतिकार के स्वर से भोजपुरी को ताकतवर बनाती बलभद्र की समीक्षा

समीक्षक: डॉ. सुनील कुमार पाठक भोजपुरी के प्रख्यात रचनाकार बलभद्र के समालोचनात्मक आलेखों का संग्रह ‘भोजपुरी साहित्य : देश के देस का’ सर्वभाषा ट्रस्ट, नई...

पुस्तक समीक्षा: मूक क्रंदन की आवाज ‘अनबोलता’

भोजपुरी काव्य संग्रह: अनबोलता रचनाकार: डॉ. संतोष पटेल समीक्षक: डॉ. पुष्कर कुमार साहित्य केवल व्यक्तिगत भावनाओं और दुःखों की अभिव्यक्ति नहीं होता, बल्कि यह समाज के हाशिए...

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भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता की मांग को मिला नया आधार, केंद्रीय मंत्री ने किया उल्लेख

गजेंद्र सिंह शेखावत ने भोजपुरी की वैश्विक पहचान का...

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