राजेश भोजपुरिया
राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त कवि, गीतकार, नवगीतकार और गजलकार का साहित्यिक सफर
"जीनगी में चारो ओर
पहरा अमावस के,
असरा के फाटे कबो पहना...
एही रे नगरिया...
समीक्षक- राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर
भोजपुरी साहित्य के इतिहास पर गंभीर और शोधपरक कार्य अपेक्षाकृत कम हुए हैं। ऐसे समय में ‘भोजपुरी कविता के इतिहास’ जैसी...
पल्लवी कश्यप की रिपोर्ट
Bhojpuri24.com की विशेष श्रृंखला ‘भोजपुरी धुरंधर’ में आज परिचय भोजपुरी साहित्य के उस पुरोधा का, जिन्होंने अपनी लेखनी से हास्य और...