देवरिया: खुखुंदू क्षेत्र में 28वें दो दिवसीय पूर्वांचल भोजपुरी बिरहा सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार शाम भव्य तरीके से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत देवी गीत और गणेश वंदना के साथ हुई, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया। वाराणसी, मऊ, गाजीपुर सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने अपनी सुर लहरियों से देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किए रखा।
सम्मेलन के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में अपना दल (एस) के प्रदेश सचिव अरविंद सिंह पटेल और समाजवादी पार्टी के नेता बेचूलाल चौधरी मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत व्यापार मंडल अध्यक्ष सन्निवेश द्विवेदी ने फूल-मालाओं से किया। कार्यक्रम में लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी, जहां बिरहा गायन के साथ-साथ नृत्य प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
विशेष आकर्षण बाल कलाकार कार्तिक की प्रस्तुति रही। उन्होंने अपने मधुर स्वर और भावपूर्ण नृत्य से उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्वांचल भोजपुरी बिरहा कलाकार संघ, देवरिया के अध्यक्ष अवध बिहारी चौरसिया ने बिरहा कला के संरक्षण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में यह लोक कला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है, लेकिन इसे जीवित रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जब तक वह जीवित रहेंगे, बिरहा परंपरा को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करते रहेंगे। साथ ही, उन्होंने दूर-दराज के कलाकारों को मंच प्रदान करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस मौके पर अरुण सिंह, अंबिका यादव, राजबंशी चौरसिया, परमहंस पहलवान, राकेश सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सम्मेलन का पहला दिन सांस्कृतिक रंगों और लोकगीतों की मधुर धुनों के बीच संपन्न हुआ, वहीं दूसरे दिन भी इसी तरह के कार्यक्रमों की उम्मीद जताई जा रही है।

