आरा। भोजपुरी सिनेमा में अगर किसी नाम ने लोकल से ग्लोबल तक अपनी पहचान बनाई है, तो वह है पवन सिंह। ‘पावर स्टार’ के नाम से मशहूर पवन आज सिर्फ एक अभिनेता या गायक नहीं, बल्कि एक ब्रांड बन चुके हैं। बिहार के आरा की साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर इंटरनेशनल पहचान हासिल करने तक का उनका सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगता।
साइकिल के कैरियर से शुरू हुई आवाज की उड़ान
5 जनवरी 1986 को भोजपुर (बिहार) के जोकहरी गांव में जन्मे पवन सिंह का बचपन आर्थिक रूप से साधारण रहा। पिता रामाशंकर सिंह किसान थे। परिवार में संसाधन सीमित थे, लेकिन प्रतिभा भरपूर। उनकी संगीत यात्रा की असली शुरुआत उनके चाचा अजीत सिंह से हुई, जो खुद एक गायक थे। वही पवन को हारमोनियम सिखाते और गांव-गांव होने वाले छोटे कार्यक्रमों में साइकिल पर बैठाकर ले जाते थे। कई बार थकान से सो जाने वाले पवन को स्टेज पर जगाया जाता, और फिर उनकी आवाज माहौल को बांध देती, यही था उस ‘स्टार’ का शुरुआती रूप।
11 साल की उम्र में पहला एल्बम, लेकिन पहचान अभी दूर
पढ़ाई में ज्यादा रुचि न होने के बावजूद पवन सिंह ने संगीत को ही अपना रास्ता चुना। उन्होंने 1997 में महज 11 साल की उम्र में अपना पहला म्यूजिक एल्बम ‘ओढ़निया वाली’ रिलीज किया। हालांकि इस एल्बम से उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली, लेकिन यह इंडस्ट्री में उनकी एंट्री का मजबूत आधार बना। 2004 में उन्होंने 10वीं पास की, लेकिन तब तक उनका मन पूरी तरह संगीत और मंच की दुनिया में रम चुका था।
‘लॉलीपॉप लागेलू’: जिसने बदल दी किस्मत
साल 2008 पवन सिंह के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उनका गाना ‘लॉलीपॉप लागेलू’ रिलीज हुआ और देखते ही देखते यह एक ग्लोबल फिनॉमेनन बन गया। यह गीत सिर्फ भोजपुरी भाषी इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इंटरनेशनल क्लब, डीजे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक छा गया। आज भी यह गाना भारत के सबसे वायरल लोकगीतों में गिना जाता है। इसी के बाद पवन सिंह के नाम के साथ ‘पावर स्टार’ जुड़ गया।
फिल्मों में एंट्री और ‘एक्शन किंग’ की इमेज
गायकी में पहचान बनाने के बाद पवन सिंह ने फिल्मों का रुख किया। 2007 में ‘रंगली चुनरिया तोहरे नाम’ से उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद ‘प्रतिज्ञा’, ‘सत्या’, ‘क्रैक फाइटर’, ‘राजा’ जैसी फिल्मों ने उन्हें भोजपुरी सिनेमा का एक्शन हीरो बना दिया। अब तक वे 150 से ज्यादा फिल्मों में नजर आ चुके हैं। उनकी फिल्मों की खासियत मजबूत एक्शन, हिट गाने और मास अपील है।
विवादों के बीच भी कायम लोकप्रियता
पवन सिंह का करियर जितना सफल रहा, निजी जीवन उतना ही चर्चा में रहा। उनकी पहली पत्नी नीलम सिंह की आत्महत्या और दूसरी पत्नी ज्योति सिंह के साथ कानूनी विवादों ने उन्हें लगातार सुर्खियों में रखा। इसके अलावा इंडस्ट्री में कई कलाकारों के साथ उनके मतभेद भी सामने आते रहे। लेकिन एक बात साफ है विवाद उनके करियर को रोक नहीं पाए। हर नए गाने और फिल्म के साथ उनकी लोकप्रियता बरकरार रही, खासकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके गाने करोड़ों व्यूज हासिल करते हैं।
राजनीति और नई पहचान
हाल के वर्षों में पवन सिंह ने राजनीति में भी कदम रखा। लोकसभा चुनावों के दौरान उनकी सक्रियता चर्चा में रही। साथ ही, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनकी मौजूदगी ने उन्हें नए दर्शकों से भी जोड़ा है। रिपोर्ट्स और चुनावी हलफनामों के मुताबिक, पवन सिंह की कुल संपत्ति करीब 16–20 करोड़ रुपये के बीच आंकी जाती है। उनके पास लग्जरी गाड़ियां, आलीशान घर और एक मजबूत ब्रांड वैल्यू है।
एक ‘लोकल’ आवाज जो ‘ग्लोबल’ बन गई
पवन सिंह की कहानी सिर्फ एक कलाकार की सफलता नहीं, बल्कि उस संघर्ष की मिसाल है जहां सीमित संसाधनों के बावजूद जुनून रास्ता बना लेता है। साइकिल के कैरियर से शुरू हुआ सफर आज करोड़ों दिलों तक पहुंच चुका है। यही वजह है कि पवन सिंह सिर्फ ‘पावर स्टार’ नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा के उस दौर का चेहरा हैं जिसने लोकल कला को ग्लोबल पहचान दिलाई।

