समीक्षा : राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर
भोजपुरी साहित्य की समृद्ध परंपरा में कथा विधा हमेशा से समाज के जीवन, संघर्ष, संस्कार और संवेदनाओं का सजीव दस्तावेज...
समीक्षक- राजेश भोजपुरिया, जमशेदपुर
भोजपुरी साहित्य के इतिहास पर गंभीर और शोधपरक कार्य अपेक्षाकृत कम हुए हैं। ऐसे समय में ‘भोजपुरी कविता के इतिहास’ जैसी...