भोजपुरी की प्रमुख कहावतें और उनका सरल हिंदी अर्थ

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प्रमुख भोजपुरी कहावतें दी गई हैं, साथ में उनका सरल हिंदी अनुवाद और अर्थ। ये लोकप्रिय, रोजमर्रा की जिंदगी, खेती, परिवार और समाज से जुड़ी हैं:

नव के लकड़ी, नब्बे खरच
अर्थ: नौ की लकड़ी पर नब्बे का खर्च।
व्याख्या: फिजूलखर्ची या बेवकूफी भरा काम, जहाँ खर्च ज्यादा और लाभ कम।

खेत खाय गदहा, मारल जाय जोलहा
अर्थ: खेत गदहे ने खाया, मार जोलहे को पड़ी।
व्याख्या: किसी की गलती की सजा निर्दोष को मिलना।

ना नईहरे सुख, ना ससुरे सुख
अर्थ: न मायके में सुख, न ससुराल में सुख।
व्याख्या: अभागा व्यक्ति जिसे कहीं आराम नहीं मिलता।

बिनु घरनी, घर भूत के डेरा
अर्थ: बिना पत्नी के घर भूतों का डेरा।
व्याख्या: महिला के बिना घर सूना और बेव्यवस्था रहता है।

सुपवा हंसे चलनिया के कि तोरा में सतहत्तर छेद
अर्थ: सूप हँसता है चलनी से कि तुझमें ७० छेद हैं।
व्याख्या: खुद में दोष होने पर दूसरों की बुराई करना।

अकेले मियाँ रोवें की कबर खानें
अर्थ: अकेले मियाँ रोएँ कि कब्र खोदें।
व्याख्या: अकेले व्यक्ति का कोई काम नहीं बनता।

अंडा सिखावे बच्चा के, बच्चा करु चेंव-चेंव
अर्थ: अंडा बच्चे को सिखाता है चेंव-चेंव कर।
व्याख्या: अज्ञानी का ज्ञानी को उपदेश देना।

हाथी चले बाजार, कुकुर भोंके हजार
अर्थ: हाथी बाजार चले, कुत्ते हजार भौंकें।
व्याख्या: बड़े काम पर छोटे लोगों की आलोचना को नजरअंदाज करना।

बेटा अउरी लोटा बाहरे चमकेला
अर्थ: बेटा और लोटा बाहर ही चमकता है।
व्याख्या: बेटा घर से बाहर जाकर ही नाम कमाता है।

अगिला खेती आगे-आगे, पछिला खेती भागे जागे
अर्थ: पहली खेती आगे-आगे, पिछली खेती भाग्य पर।
व्याख्या: समय पर किया काम सफल, देरी से किया भाग्य पर निर्भर।

छूछी हाँड़ी टनटन बाजे
अर्थ: खाली बर्तन ज्यादा बजता है।
व्याख्या: अज्ञानी या खाली लोग ज्यादा शोर मचाते हैं।

मूस मोटइहें, लोढ़ा होइहें, ना हाथी ना घोड़ा होईहें
अर्थ: चूहा मोटा हो जाए तो लोढ़ा बनेगा, हाथी-घोड़ा नहीं।
व्याख्या: छोटा व्यक्ति कितना भी बड़ा हो, असली काबिलियत नहीं आती।

आन्हर गुरु बहिर चेला, माँगे गुड़ तऽ देवे ढेला
अर्थ: अंधा गुरु और बहिरा चेला, गुड़ माँगे तो ढेला दे।
व्याख्या: अयोग्य गुरु और शिष्य का जोड़ा।

अक्किल गईल घास चरे
अर्थ: अक्ल घास चरने चली गई।
व्याख्या: बेवकूफी भरा व्यवहार या सोच खो देना।

हंसले घर बसेला
अर्थ: हँस ले तो घर बसेगा।
व्याख्या: खुश रहने से घर में सुख और उन्नति आती है।

करिया अच्छर से भेंट ना, पेंगले पढ़ऽ ताड़ें
अर्थ: काला अक्षर से भेंट नहीं, फिर भी ताड़े पढ़ने लगे।
व्याख्या: अज्ञानी का ज्ञान का दिखावा।

नाच ना जाने अँगनवा टेढ़
अर्थ: नाच नहीं आता, आँगन टेढ़ा।
व्याख्या: अपनी गलती छिपाकर दूसरों पर दोष डालना।

घर के मुरगी दाल बराबर
अर्थ: घर की मुर्गी दाल के बराबर।
व्याख्या: अपनी चीज की कद्र नहीं होती।

बानर का जाने आदी के स्वाद
अर्थ: बंदर को आदी (अदरक) का स्वाद क्या पता।
व्याख्या: अयोग्य को अच्छी चीज की कद्र नहीं।

अंधा के आगे रोवे आपन दीदा खोवे
अर्थ: अंधे के आगे रोना अपनी आँखें खोना।
व्याख्या: बेकार में मेहनत करना।

रहे निरोगी जे कम खाया, काम न बिगरे जो गम खाया
अर्थ: कम खाने वाला निरोगी रहता है, गम खाने वाला काम नहीं बिगाड़ता।
व्याख्या: संयम और धैर्य से फायदा।

केरा, केकड़ा, बिछू, बाँस – इन चारो की जमले नाश
अर्थ: केला, केकड़ा, बिच्छू, बाँस की संतान ही इनका नाश करती है।
व्याख्या: कुछ चीजें अपनी संतान से ही नष्ट होती हैं।

सांवा खेती, अहिर मीत – कबो-कबो होखे हीत
अर्थ: साँवा की खेती और अहिर की दोस्ती कभी-कभी फायदेमंद।
व्याख्या: कुछ रिश्ते या काम मौके पर ही अच्छे।

दू बेकत के झगड़ा, बीच मे बोले से लबरा
अर्थ: दो लोगों का झगड़ा, बीच में बोलने से बिगड़ता है।
व्याख्या: तीसरे का हस्तक्षेप झगड़ा बढ़ाता है।

चिरई के जान जाए, खवईया के स्वादे ना
अर्थ: चिड़िया की जान जाए, खाने वाले को स्वाद नहीं।
व्याख्या: मेहनत किसी और की, फायदा किसी और को।

आम के आम अँठिली के दाम
अर्थ: आम भी मिले और गुठली का दाम भी।
व्याख्या: दोहरी लाभ की कामना।

अबरे क भंइस बियाइल, सगरे गाँव मेटिया ले धाइल
अर्थ: गरीब की भैंस ब्यायी तो पूरा गाँव बाल्टी लेकर आ गया।
व्याख्या: अमीर की मदद कोई नहीं, गरीब की सब लेने आ जाते हैं।

माँगनी के बैल के दाँत ना देखल जाय
अर्थ: दान में मिले बैल के दाँत नहीं देखने चाहिए।
व्याख्या: मुफ्त में मिली चीज की खामी नहीं देखनी चाहिए।

बढ़े धन पिता के धर्मे, खेती उपजे अपने कर्मे
अर्थ: बेटे का धन पिता के पुण्य से, खेती अपने कर्म से।
व्याख्या: उन्नति अपने प्रयास पर निर्भर।

ना मामा से काना मामा अच्छा
अर्थ: एक आँख वाला मामा भी बेहतर है बिना मामा के।
व्याख्या: कुछ सहारा भी अच्छा है ना होने से।

माई के जियरा गाय जइसन, कपूतवा के दिल कसाई जइसन
अर्थ: माँ का दिल गाय जैसा, बेटे का कसाई जैसा।
व्याख्या: माँ का प्यार निस्वार्थ, बेटे का स्वार्थी हो सकता है।

छाती पर बाल नाहीं, भाल से लड़ाई
अर्थ: छाती पर बाल नहीं, फिर भी भालू से लड़ाई।
व्याख्या: कमजोर होकर भी बड़ी-बड़ी बातें करना।

नवाँ देखले काँखे बार
अर्थ: नाई देखते ही काँख में बाल दिखने लगते हैं।
व्याख्या: काम के समय जरूरत महसूस होना।

बन पर लिन बिलारी, मूसा कहेली जे हमरी जोए
अर्थ: बिल्ली बन में गई तो चूहा कहता है वह मेरी पत्नी है।
व्याख्या: मालिक के न होने पर अधीनस्थ का दबंग होना।

अँखिए फूटी तऽ आजन का लगाइब
अर्थ: आँख फूट गई तो क्या आजन (दवा) लगाएगा।
व्याख्या: नुकसान हो जाने के बाद पछताना बेकार।

अंगुरी धरत धरत पहुँचा पकड़ लिहलैं
अर्थ: उँगली पकड़ते-पकड़ते पूरा हाथ पकड़ लिया।
व्याख्या: छोटी मदद से बड़ा फायदा उठाना।

अइली ना गइली दु केबऽ कहवली
अर्थ: आई न गई, दोनों को कहवली (झाड़)।
व्याख्या: बीच में फँस जाना।

अइसन दुनियाँ बाउर, बेटा के पीठा, दमाद के जाउर
अर्थ: दुनिया ऐसी पागल कि बेटे को पीठा, दामाद को जौ।
व्याख्या: रिश्तों में भेदभाव।

अनकर धन पाईं त नौ मन तौलाईं
अर्थ: दूसरे का धन मिले तो नौ मन तौल लें।
व्याख्या: दूसरों के धन पर लालच।

नानी के धन, बेइमानी के धन, जजमानी के धन फले ना
अर्थ: नानी का धन, बेईमानी का धन, पुरोहिताई का धन फल नहीं देता।
व्याख्या: कुछ धन स्थायी सुख नहीं देता।

बाप के नाम साग पात, बेटा के नाम परोरा
अर्थ: बाप के नाम साग-पात, बेटे के नाम परोरा (मीठा)।
व्याख्या: बेटा पिता से ज्यादा आरामतलब।

चउबे गईलन छब्बे बने, दूबे बन के अईलन
अर्थ: चौबे छब्बे बन गए, दूबे बनकर आए।
व्याख्या: नाम या रूप बदलकर आने वाला।

पानी में मछरी, आ नव नव कुटिया
अर्थ: पानी में मछली, नव-नव कुत्तियाँ।
व्याख्या: मौके का फायदा उठाना।

ना खेलब ना खेले देब, खेलवे बिगाड़ देब
अर्थ: न खेलूँगा न खेलने दूँगा, खेल बिगाड़ दूँगा।
व्याख्या: न खुद करूँगा न दूसरों को करने दूँगा।

अनदेखल चोर राजा बराबर
अर्थ: अनदेखा चोर राजा के बराबर।
व्याख्या: छिपा हुआ दोष खतरनाक।

माई निहारे ठठरी, जोइया निहारे मोतरी
अर्थ: माँ स्वास्थ्य देखती है, पत्नी जेब देखती है।
व्याख्या: रिश्तों में अलग-अलग नजरिया।

माघे जाड़ ना पूसे जाड़, जब बयारी बहे तबे जाड़
अर्थ: माघ या पूस में सर्दी नहीं, हवा चलने पर सर्दी।
व्याख्या: असली समस्या मौके पर पता चलती है।

चाम क बेर्हा कुक्कूर रखवार
अर्थ: चमड़े का बेड़ा कुत्ता रखवाला।
व्याख्या: स्वार्थी या अविश्वसनीय व्यक्ति को जिम्मेदारी देना।

अँइटा से गोइठा बड़ सुकुमार
अर्थ: ईंट से गोबर ज्यादा नाजुक।
व्याख्या: कुछ चीजें दिखने में मजबूत लगती हैं पर नाजुक होती हैं।

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